पंजाब में रोजगार के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों और तेजी से बढ़ते निजी निवेश ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। आज पंजाब रोजगार सृजन के मामले में एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है।
सरकारी नौकरियों की बात करें तो राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी बनाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं । जिसमें शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, बिजली और प्रशासनिक विभाग शामिल हैं । सबसे ज्यादा भर्ती शिक्षा विभाग में 16,000 से अधिक, पुलिस में 12,000 से ज्यादा और बिजली विभाग में 8,000 से अधिक पदों पर हुई है । इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिला, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।
इसके अलावा, राज्य में लगातार नई भर्तियां जारी हैं। हाल ही में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 622 जूनियर इंजीनियर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है , जबकि पुलिस विभाग में भी 3,200 से अधिक कांस्टेबल पदों पर भर्ती निकाली गई । यह दर्शाता है कि रोजगार सृजन की प्रक्रिया लगातार जारी है।
निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। राज्य सरकार के अनुसार, उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। केवल प्लेसमेंट कैंपों के जरिए ही 48,000 से अधिक युवाओं को नौकरी दिलाई गई है, जबकि 10,000 से ज्यादा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया ।
सरकार द्वारा ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘राइट टू बिजनेस’ जैसे सुधारों के कारण उद्योग स्थापित करना आसान हुआ है, जिससे निवेश और रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को इंडस्ट्री के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है।
पंजाब में रोजगार का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। सरकारी नौकरियों में रिकॉर्ड भर्तियां, निजी निवेश में बढ़ोतरी और युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण—ये सभी पहल मिलकर राज्य को रोजगार के नए युग की ओर ले जा रही हैं। यह बदलाव न केवल आर्थिक मजबूती दे रहा है, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी सुरक्षित बना रहा है
