पंजाब में नहरी पानी को लेकर लंबे समय से चल रही किसानों की समस्या को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि जिस मुद्दे पर अकाली दल और कांग्रेस की सरकारें पिछले 50 वर्षों तक ठोस समाधान नहीं कर पाईं, उसे मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली सरकार ने सिर्फ चार साल में हल कर दिखाया है।
सरकार का कहना है कि अब राज्य के दूर-दराज और टेल एंड क्षेत्रों तक भी नहरी पानी पहुंचना शुरू हो गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
किसानों को मिला नहरी पानी का फायदा
पंजाब सरकार के मुताबिक पहले कई गांवों और खेतों तक नहरी पानी नहीं पहुंचता था, जिसके कारण किसान ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भर थे। अब बड़े स्तर पर पाइपलाइन और नहरों के सुधार का काम किया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और जल मार्गों का निर्माण एवं सुधार किया है। इसके जरिए राज्यभर में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है ताकि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंच सके।
“पक्षपात खत्म कर किसानों को बराबरी का हक”
AAP नेताओं का कहना है कि पहले की सरकारों के दौरान कई क्षेत्रों के किसानों के साथ नहरी पानी को लेकर भेदभाव होता रहा। खासकर टेल एंड गांवों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता था।
अब सरकार का दावा है कि पानी की सप्लाई को समान तरीके से बांटा जा रहा है ताकि हर किसान को उसका हक मिल सके। सरकार ने इसे “जनता के प्रति समर्पण और नेक इरादे” का उदाहरण बताया है।
भूजल बचाने पर भी जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी किसानों से नहरी पानी के इस्तेमाल को बढ़ाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भूजल तेजी से नीचे जा रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना जरूरी है।
