पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस बार 1790 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक खेल बजट रखा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि राज्य में पहली बार खेलों के लिए इतना बड़ा बजट रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद युवाओं को खेलों की तरफ प्रेरित करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं देना है।
खिलाड़ियों के संघर्ष का किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्यक्रम के दौरान उन खिलाड़ियों की स्थिति पर भी बात की, जिन्हें पहले की सरकारों में नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी “पत्ता कटने” जैसी परेशानियों का सामना करते रहे और उन्हें समय पर सम्मान या मदद नहीं मिली। CM ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि अब सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है और किसी खिलाड़ी को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।
पुराने पुरस्कार अब मिल रहे खिलाड़ियों को
सीएम ने कहा कि आज खिलाड़ियों को 10-10 साल पुराने पुरस्कार दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि खिलाड़ी खुद भूल जाते थे कि उन्हें किस प्रतियोगिता के लिए सम्मान मिल रहा है। लेकिन अब सरकार एक-एक खिलाड़ी को सम्मानित करने का काम कर रही है ताकि खिलाड़ियों की मेहनत को सही पहचान मिल सके।
‘राजनीतिक चौधरबाज़ी’ से खेल होंगे मुक्त
भगवंत मान ने साफ कहा कि पंजाब में खेलों को राजनीतिक हस्तक्षेप और “चौधरबाज़ी” से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल संस्थाओं और खेलों से जुड़ी प्रतिष्ठित नौकरियों में अब खिलाड़ियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार चाहती है कि खेलों का संचालन वही लोग करें जो खेलों को सही मायनों में समझते हों।
खिलाड़ियों को दी खास सलाह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से प्रेरणादायक बातें भी साझा कीं। उन्होंने “पैराशूटिस्ट” और “ग्रासरूटर” का उदाहरण देकर खिलाड़ियों को लगातार मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को सफलता मिलने के बाद घमंड से दूर रहने की सलाह दी।
खेलों से नशे के खिलाफ लड़ाई
CM मान ने कहा कि पंजाब सरकार गांव-गांव खेल मैदान बनाकर और “खेडां वतन पंजाब की” जैसे कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने की कोशिश कर रही है। सरकार का मानना है कि खेल ही युवाओं को सही दिशा दे सकते हैं और पंजाब को नई पहचान दिला सकते हैं।
