27 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 141.91 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 75,867.80 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ 23,907 के आसपास बंद हुआ। दिनभर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला और निवेशक सतर्क नजर आए।
वैश्विक तनाव का असर
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। निवेशकों को डर है कि अगर हालात और बिगड़े तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी वजह से भारतीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला।
बैंकिंग शेयरों ने बढ़ाया दबाव
आज के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में दिखाई दिया। खासकर HDFC Bank के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर असर डाला। इसके अलावा कुछ आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में भी बिकवाली देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
मेटल और रियल्टी शेयरों में तेजी
गिरावट वाले बाजार में भी कुछ सेक्टरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। एल्यूमिनियम की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से कई मेटल कंपनियों के शेयर मजबूत हुए। हिंदाल्को और नाल्को जैसे शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां बड़े शेयर दबाव में रहे, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की मजबूती देखने को मिली। निवेशकों ने कुछ चुनिंदा सेक्टरों और कंपनियों में खरीदारी जारी रखी। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ी
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाली है। लगातार हो रही बिकवाली का असर बाजार की चाल पर साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे वैल्यूएशन, कमजोर वैश्विक माहौल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क बने हुए हैं।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
अब निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के अगले रुख पर बनी हुई है। इसके अलावा रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने की जरूरत है।
