कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया। मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने पार्टी हाई कमान के निर्देश का पालन किया है। सिद्धारमैया ने कहा, “हाई कमान ने जैसा कहा, मैंने वैसा किया। पार्टी नेतृत्व ने पहले ही इस्तीफा देने के लिए कहा था।”
राज्यपाल के सचिव को सौंपा इस्तीफा
कर्नाटक के राज्यपाल उस समय राज्य में मौजूद नहीं थे, इसलिए सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिव को सौंपा। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्यपाल संविधान के अनुसार उनके इस्तीफे को स्वीकार करेंगे। इस घटनाक्रम के बाद अब राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
भावुक हुए सिद्धारमैया
इस्तीफा देते वक्त सिद्धारमैया भावुक नजर आए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने Sonia Gandhi, Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें जनता की सेवा करने का बड़ा अवसर दिया।
दो बार CM बनने का किया जिक्र
सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें दो बार मुख्यमंत्री और दो बार विपक्ष का नेता बनने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व का समर्थन नहीं मिलता तो वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें कर्नाटक के 7 करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान सिद्धारमैया ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं को लेकर गलत जानकारी फैलाई गई। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष लगातार यह प्रचार करता रहा कि कांग्रेस की योजनाओं से राज्य का खजाना खाली हो जाएगा, लेकिन सरकार ने संवैधानिक सिद्धांतों के तहत काम किया।
हाई कमान के फैसले को बताया सर्वोपरि
सिद्धारमैया ने कहा कि वह पहले भी कई बार कह चुके थे कि जब भी हाई कमान निर्देश देगा, वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है और उन्हें किसी तरह की निराशा नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस ने 135 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाई थी और दो निर्दलीय विधायकों ने भी समर्थन दिया था।
अब नए मुख्यमंत्री पर टिकी नजरें
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब पूरा ध्यान कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर है। माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है। कर्नाटक की राजनीति में यह बदलाव आने वाले दिनों में कई नए समीकरण पैदा कर सकता है।
