पंजाब में पिछले कई दिनों से तेज गर्मी और लू जैसे हालात बने हुए हैं। कई जिलों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे लोगों को दिन के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कई इलाकों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
अमृतसर में बादलों की आवाजाही
अमृतसर में दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। आसमान में बादल दिखाई दे सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। तापमान में हल्की गिरावट दर्ज होने के संकेत हैं, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
लुधियाना में गर्म हवाओं के बाद राहत
लुधियाना में पिछले दिनों तेज गर्मी और धूप का असर देखा गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आज बादल और हवाएं मौसम को थोड़ा सुहावना बना सकती हैं। शहर में अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ कम रह सकता है। पहले भी तेज आंधी और बारिश के कारण यहां तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।
जालंधर में तापमान घटने की उम्मीद
जालंधर में पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार ऊंचा बना हुआ था। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आज गर्मी के बीच बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। दोपहर के बाद तेज हवाएं चलने और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
पटियाला और मोहाली में बदल सकता है मौसम
पटियाला और मोहाली में भी मौसम करवट ले सकता है। सुबह और दोपहर में गर्मी का असर रहेगा, लेकिन शाम तक बादल छाने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के भी संकेत दिए हैं, जिससे तापमान में कमी दर्ज हो सकती है।
बठिंडा में अभी भी गर्मी का दबाव
बठिंडा पंजाब के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा है। यहां तापमान हाल ही में 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया था। आज भी गर्मी का असर बना रह सकता है, हालांकि शाम के समय बादलों की मौजूदगी राहत दे सकती है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण वातावरण में बदलाव महसूस हो सकता है।
राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली की मांग लगातार ऊंची बनी हुई है। मौसम में संभावित बदलाव और तापमान में गिरावट से बिजली खपत में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
