सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पार्टी के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को तत्काल बहाल करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। यह याचिका पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से दायर की गई थी, जिन्होंने अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी थी।
कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। यह डिजिटल और व्यंग्यात्मक अभियान उस विवाद के बाद चर्चा में आया, जब सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसी टिप्पणियों को लेकर बहस छिड़ गई। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका उद्देश्य युवाओं की आलोचना करना नहीं था।
21 मई को ब्लॉक हुआ था एक्स हैंडल
कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक एक्स अकाउंट 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई कानूनी मांग और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के आधार पर की गई थी। इसके बाद पार्टी समर्थकों ने नए सोशल मीडिया हैंडल बनाकर अभियान जारी रखा।
युवाओं के बीच तेजी से बढ़ा समर्थन
कुछ ही दिनों में यह अभियान सोशल मीडिया पर लाखों युवाओं तक पहुंच गया। पार्टी खुद को युवाओं की आवाज बताती है और बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक तथा शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। हाल ही में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के मुद्दे पर भी अभियान चलाया गया था। सोशल मीडिया पर इसके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी, जिससे यह राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।
अदालत में पहुंचा सोशल मीडिया प्रतिबंध का मामला
अभिजीत दीपके ने अदालत में दावा किया कि एक्स अकाउंट के साथ-साथ पार्टी की अन्य डिजिटल मौजूदगी पर भी असर पड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट में यह मामला अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल प्लेटफॉर्मों की जवाबदेही और सोशल मीडिया प्रतिबंधों की वैधता जैसे बड़े सवालों से जुड़ गया है। आने वाले दिनों में इस मामले की आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
