मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था ‘ग्लोबल सिख’ द्वारा आयोजित ‘पंजाब सेवा सम्मेलन’ में विशेष रूप से भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सामाजिक सेवा संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और जन-कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन में समाज सेवा और राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
सरकार और NGO के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए सरकार और गैर-सरकारी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई संस्थाएं बिना किसी स्वार्थ के लोगों की सेवा कर रही हैं और सरकार उनके प्रयासों को मजबूती देने के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
11 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सरकार और NGO प्रतिनिधियों की एक 11 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई जाएगी। इस समिति का उद्देश्य जन-कल्याणकारी योजनाओं और राहत कार्यों को बेहतर ढंग से लागू करना होगा। समिति विभिन्न सामाजिक और आपातकालीन परिस्थितियों में तालमेल बनाकर काम करेगी।
प्राकृतिक आपदाओं में मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान सरकार और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है। नई समिति के गठन से राहत कार्यों को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सकेगा, जिससे जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
सेवा कार्यों का किया सम्मान
भगवंत मान ने कहा कि जो संस्थाएं बिना किसी दिखावे और निजी स्वार्थ के मानवता की सेवा कर रही हैं, उनका सरकार दिल से सम्मान करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार समाज सेवा से जुड़े हर सकारात्मक प्रयास में NGO और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
जन-कल्याण को मिलेगा नया बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है और इसके लिए समाज सेवा संगठनों के अनुभव और सहयोग का लाभ लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और NGO के संयुक्त प्रयासों से जन-कल्याणकारी कार्यों को नई गति मिलेगी।
