11 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान हल्की गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 150.63 अंकों की कमजोरी के साथ 73,832.55 के स्तर पर बंद हुआ। प्रतिशत के हिसाब से यह गिरावट 0.20 फीसदी रही। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा, लेकिन अंत में बिकवाली का दबाव हावी रहा।
निवेशकों में सतर्कता का माहौल
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिसके कारण बाजार पर दबाव बना रहा। विदेशी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों का असर भी घरेलू बाजार पर दिखाई दिया।
आईटी और चुनिंदा शेयरों में दबाव
आज के कारोबार में आईटी और कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। तकनीकी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में कमजोरी ने बाजार की चाल को प्रभावित किया। वहीं कुछ बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट और अधिक बढ़ने से रुक गई।
वैश्विक संकेतों पर टिकी नजर
निवेशकों की नजरें अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई हैं। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों की चाल भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख
मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। कुछ कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी रही, जबकि कई शेयरों में मुनाफावसूली दर्ज की गई। इससे निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में अवसर भी नजर आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक संकेत बाजार की दिशा निर्धारित करेंगे। फिलहाल सेंसेक्स का 73,800 के ऊपर बने रहना बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण स्तर माना जा रहा है और निवेशक अगले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
