कनाडा की नागरिकता हासिल कर चुके हज़ारों पंजाबी परिवार इन दिनों चिंता में हैं। कनाडाई सरकार द्वारा कुछ लोगों के नागरिकता सर्टिफिकेट को सस्पेंड करने और वापस जमा कराने के आदेश के बाद समुदाय में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उन मामलों में की जा रही है जहां नागरिकता आवेदन के दौरान दी गई जानकारी या दस्तावेजों पर सवाल उठाए गए हैं।
‘लॉस्ट कैनेडियन्स’ कानून के तहत कार्रवाई
मामला ‘लॉस्ट कैनेडियन्स’ कानून और उससे जुड़े नागरिकता मामलों से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रभावित लोगों को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि उनकी नागरिकता आवेदन प्रक्रिया में कुछ जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए गए थे या उपलब्ध जानकारी में विसंगतियां पाई गई हैं। जांच पूरी होने तक संबंधित लोगों से नागरिकता सर्टिफिकेट वापस करने को कहा गया है।
इमिग्रेशन दफ्तरों में बढ़ी भीड़
इस कार्रवाई के बाद कनाडा और विदेशों में काम कर रहे इमिग्रेशन सलाहकारों और वकीलों के पास लोगों के फोन लगातार पहुंच रहे हैं। प्रभावित परिवार अपनी स्थिति को लेकर जानकारी जुटाने और कानूनी सलाह लेने में लगे हैं। इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि पहले स्थायी निवास (PR) आवेदनों को लेकर ऐसे मामले सामने आते थे, लेकिन नागरिकता सर्टिफिकेट से जुड़ा यह मुद्दा काफी असामान्य माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लोगों की चिंता
जिन लोगों को नोटिस मिले हैं, वे सोशल मीडिया पर अपनी चिंताएं साझा कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि वर्षों की प्रक्रिया के बाद मिली नागरिकता पर अब अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि आवेदक आवश्यक और ठोस दस्तावेज प्रस्तुत कर देते हैं, तो उनके मामले की दोबारा समीक्षा की जा सकती है।
बिल C-3 के बाद बढ़ा दबाव
15 दिसंबर 2025 से लागू होने वाले बिल C-3 के बाद कनाडाई नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव आया है। इसके चलते नागरिकता आवेदनों की संख्या और जांच प्रक्रिया दोनों बढ़ी हैं। आंकड़ों के अनुसार, नागरिकता आवेदनों का बैकलॉग लगातार बढ़ रहा है और हजारों लोग अभी भी अपनी फाइलों के निपटारे का इंतजार कर रहे हैं।
कानूनी चुनौती की भी संभावना
कई इमिग्रेशन विशेषज्ञों और वकीलों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोगों की नागरिकता प्रभावित होती है तो इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। फिलहाल प्रभावित लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे तुरंत IRCC से संपर्क करें, अपनी फाइल की जानकारी प्राप्त करें और आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। नागरिकता से जुड़े ऐसे मामलों को फिलहाल सरकार की प्रणाली में “अंडर रिव्यू” यानी समीक्षा के अधीन दिखाया जा रहा है।
