पंजाब सरकार ने राज्य के शहरों और कस्बों को स्वच्छ बनाने के लिए “मिशन क्लीन पंजाब” अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया है। हाल ही में शुरू किए गए इस तकनीक आधारित अभियान के तहत नगर निगमों और स्थानीय निकायों के अधिकारियों को रोजाना सुबह 7 बजे से 8 बजे तक फील्ड में जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सफाई व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाना और लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस
मिशन क्लीन पंजाब के तहत घरों और बाजारों से निकलने वाले कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक निपटान और नियमित संग्रहण पर जोर दिया जा रहा है। कई शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि खुले में कूड़ा फेंकने और गंदगी की समस्या को कम किया जा सके।
लोगों की भागीदारी पर जोर
सरकार का मानना है कि केवल मशीनों और सरकारी प्रयासों से सफाई अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता। इसलिए नागरिकों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे कचरा अलग-अलग रखें और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं।
पुरानी कचरा समस्या से निपटने की तैयारी
पंजाब में अभी भी लाखों मीट्रिक टन पुराना कचरा मौजूद है, जिसे चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की योजना बनाई गई है। सरकार का दावा है कि नए सफाई अभियान और आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली के जरिए शहरों को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
