पंजाब सरकार का एंटी-ड्रग अभियान राज्य की सबसे बड़ी सरकारी मुहिमों में से एक है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे एक “जन आंदोलन” के रूप में तब्दील किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंजाब में ड्रग तस्करी, नशे की लत और उससे जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई करना है。
पंजाब सरकार के मुताबिक इस अभियान के तहत ड्रग्स के बड़े नेटवर्क को तोड़ा गया है, हजारों तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और ड्रग माफिया की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही गांव स्तर तक निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है और नशा छोड़ने वालों के इलाज एवं पुनर्वास की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि राज्य में नशे के कारोबार की रीढ़ को काफी हद तक तोड़ दिया गया है और कई बड़े तस्करों को जेल भेजा जा चुका है。
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में लगभग 28,000 मामले दर्ज किए गए और करीब 42,000 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। सरकार का यह भी दावा है कि लगभग 88 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को सजा हुई है। वहीं ड्रग्स से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई है। मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत कुल 64,844 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है। पुलिस ने इस दौरान हेरोइन, नशीली गोलियां और नकदी की बड़ी मात्रा में बरामदगी भी की है。
इस अभियान को सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश की गई है। इसके तहत हर गांव में “विलेज डिफेंस कमेटी” बनाई गई है और करीब 1.5 लाख “पिंड दे पहरेदार” स्वयंसेवकों को जोड़ा गया है। लोगों को ड्रग तस्करों की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराए गए हैं। जनवरी 2026 में इसके दूसरे चरण के तहत राज्यभर में पदयात्राएं भी निकाली गईं。
पंजाब सरकार का फोकस नशे के इलाज और पुनर्वास पर भी है। इसके लिए राज्य में डी-एडिक्शन सेंटरों को अपग्रेड किया गया है और नए नशा मुक्ति केंद्र शुरू किए गए हैं, जहां नशा छोड़ने वालों को दवाओं, काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के जरिए सामान्य जीवन में लौटने में मदद की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए गांवों में खेल मैदान, जिम और पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं。
सीमा पार से आने वाले ड्रग्स को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने एंटी-ड्रोन सिस्टम और इंटेलिजेंस आधारित निगरानी को भी मजबूत किया है। इसके साथ ही रोजाना विशेष रेड्स और हाईवे चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। पंजाब सरकार का दावा है कि इन प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है और राज्य में नशे के खिलाफ लड़ाई एक नए चरण में पहुंच चुकी है।
