पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की गतिविधियों को लेकर कई अहम जानकारियां मिली हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर काफी समय पहले से योजना बनानी शुरू कर दी थी और अब जांच में उनके पुराने सफर, लेन-देन और आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
सगाई से पहले उदयपुर की यात्रा पर पुलिस की नजर
जांच में यह जानकारी सामने आई है कि सिया गोयल, केतन अग्रवाल से सगाई होने से कुछ सप्ताह पहले अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ एक समूह में उदयपुर घूमने गई थी। पुलिस अब इस यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड, होटल बुकिंग, यात्रा के दस्तावेज और अन्य सबूत जुटा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस यात्रा से जुड़े तथ्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं।
1 करोड़ रुपये के लेन-देन की भी हो रही जांच
पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल से शॉपिंग के नाम पर लगभग 1 करोड़ रुपये लिए थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह रकम कहां खर्च हुई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। पुलिस का दावा है कि इस आर्थिक पहलू की भी गहराई से जांच की जा रही है और बैंक रिकॉर्ड समेत अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया, पुलिस कर रही पड़ताल
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि सिया गोयल कथित तौर पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। अधिकारियों के अनुसार, वह शादी टालना चाहती थी और इस संबंध में कई पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि दोनों आरोपियों के बीच भविष्य को लेकर क्या योजना बनाई गई थी और क्या इसी वजह से कथित साजिश तैयार की गई। हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी अदालत में होनी बाकी है।
लोहागढ़ किले पर दोबारा पहुंची पुलिस टीम
मामले की जांच के तहत पुलिस आरोपियों को महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले भी लेकर गई, जहां कथित घटना हुई थी। यहां अधिकारियों ने घटनाक्रम को दोबारा समझने और क्राइम सीन को रिक्रिएट करने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस का उद्देश्य यह जानना है कि घटना के समय क्या-क्या हुआ और आरोपियों के बयान घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाते हैं या नहीं। इस दौरान जांच टीम ने कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी एकत्र किए।
