पंजाब सरकार ने राज्य में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए नई रोड सेफ्टी पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई वाली सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य सड़क सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाना और लोगों में सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है。
पंजाब लंबे समय से सड़क हादसों के मामले में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा था। राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों और शहरों में हर साल हजारों दुर्घटनाएं होती थीं। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना तथा खराब सड़क इंजीनियरिंग को हादसों की बड़ी वजह माना जाता है। मान सरकार का मानना है कि नई रोड सेफ्टी पॉलिसी इन समस्याओं को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी。
नई नीति के तहत मान सरकार ने सबसे पहले उन “ब्लैक स्पॉट” क्षेत्रों की पहचान करने का निर्णय लिया है जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं। इन स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण, बेहतर स्ट्रीट लाइट, स्पीड कंट्रोल सिस्टम, ट्रैफिक सिग्नल और चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे। इसके अलावा हाईवे और व्यस्त सड़कों पर आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी。
सरकार ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ाने की भी तैयारी की है। AI आधारित कैमरे, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम और ई-चालान तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि तेज रफ्तार और नियम तोड़ने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
रोड सेफ्टी पॉलिसी के तहत स्कूलों और कॉलेजों में भी सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। छात्रों को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जानकारी देने के लिए रोड सेफ्टी क्लब बनाए जाएंगे। मान सरकार का मानना है कि युवाओं में जागरूकता बढ़ने से भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
इसके अलावा सरकार इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को भी मजबूत करने जा रही है। सड़क हादसे के बाद “गोल्डन ऑवर” में इलाज सुनिश्चित करने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा सेंटरों को अपग्रेड किया जाएगा। पंजाब सरकार का दावा है कि हादसे के बाद कम समय में चिकित्सा सुविधा मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी。
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय है। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की। सरकार ने परिवहन विभाग और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।
मान सरकार केवल चालान और निगरानी तक सीमित नहीं है, उनका कहना है कि ड्राइविंग ट्रेनिंग, वाहन फिटनेस और सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार भी उतना ही जरूरी है।
नई रोड सेफ्टी पॉलिसी को पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस नीति के प्रभावी ढंग से लागू होते ही आने वाले वर्षों में राज्य में सड़क हादसों और मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
