आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर से जुड़े कथित भूमि खरीद मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहले यह बयान था कि “जिसके पास सबूत हो, वह SIT के पास जाए।” संजय सिंह का दावा है कि उन्होंने कथित भूमि घोटाले से जुड़े 13 दस्तावेज विशेष जांच दल (SIT) को सौंपे थे।
SIT की जांच पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मीडिया रिपोर्टों में यह खबर सामने आई है कि अब SIT कथित जमीन और निर्माण घोटाले की जांच नहीं करेगी। इसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा कि आखिर जांच आगे क्यों नहीं बढ़ाई जा रही। उन्होंने कहा कि यदि जांच नहीं होती है तो इससे कई सवाल खड़े होते हैं।
ट्रस्ट और दस्तावेजों को लेकर दावा
AAP नेता ने दावा किया कि उनके पास प्रभु श्रीराम के नाम पर खरीदी गई जमीनों में कथित अनियमितताओं से जुड़े कुल 26 दस्तावेज हैं। उनका आरोप है कि इन दस्तावेजों में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका सामने आती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कोर्ट जाने की कही बात
संजय सिंह ने कहा कि यदि जांच आगे नहीं बढ़ती है तो वह उपलब्ध दस्तावेजों के साथ अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राम मंदिर भूमि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है।
