दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Apple ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। कंपनी ने Nvidia को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे मूल्यवान (Most Valuable) सूचीबद्ध कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। शेयर बाजार में Apple के शेयरों में आई मजबूती के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बढ़कर करीब 4.88 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया, जबकि Nvidia का मार्केट कैप लगभग 4.86 ट्रिलियन डॉलर रहा।
Apple के शेयरों में क्यों आई तेजी?
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों का भरोसा Apple की मजबूत कमाई, उसके विशाल सर्विस इकोसिस्टम और आने वाले AI फीचर्स पर बढ़ा है। कंपनी की AI रणनीति और नए उत्पादों को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इसके चलते Apple के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिली और कंपनी एक बार फिर शीर्ष स्थान पर पहुंच गई।
Nvidia को मिला कड़ा मुकाबला
पिछले एक साल से Nvidia आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की बढ़ती मांग के कारण दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई थी। हालांकि हाल के दिनों में AI सेक्टर में निवेशकों की रणनीति बदलने और चिप कंपनियों में मुनाफावसूली के चलते Nvidia के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। इसी का फायदा Apple को मिला और उसने बाजार पूंजीकरण के मामले में बढ़त हासिल कर ली।
AI रेस में Apple की नई रणनीति
Apple अब अपने AI फीचर्स को iPhone और अन्य डिवाइसों के साथ तेजी से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी का फोकस ऐसे AI टूल विकसित करने पर है, जो उपयोगकर्ताओं की निजता (Privacy) को सुरक्षित रखते हुए बेहतर अनुभव दें। निवेशकों का मानना है कि यही रणनीति आने वाले वर्षों में Apple की कमाई और बाजार हिस्सेदारी को और मजबूत कर सकती है।
टेक सेक्टर में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
Apple के शीर्ष स्थान पर पहुंचने से यह साफ हो गया है कि वैश्विक टेक कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। AI, सेमीकंडक्टर, क्लाउड सेवाओं और स्मार्ट डिवाइसों में हो रहे निवेश के कारण बाजार पूंजीकरण में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में Apple, Nvidia, Microsoft और Alphabet जैसी कंपनियों के बीच दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनने की होड़ और दिलचस्प हो सकती है।
