पंजाब सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति (एससी) परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता देने के उद्देश्य से आशीर्वाद योजना के तहत 28.01 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य के 19 जिलों के 5,492 पात्र परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से जरूरतमंद परिवारों को बेटी के विवाह के समय आर्थिक सहारा मिलेगा।
प्रत्येक लाभार्थी को मिलेंगे 51,000 रुपये
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में पहुंचेगी सहायता
सरकार के अनुसार, योजना की पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और पात्र परिवारों तक बिना किसी देरी के सहायता राशि पहुंच सकेगी। डिजिटल भुगतान व्यवस्था अपनाने से बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त होगी।
आर्थिक बोझ कम करने की पहल
बेटियों के विवाह का खर्च कई गरीब परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में आशीर्वाद योजना आर्थिक सहयोग देकर इस बोझ को कम करने का प्रयास करती है। सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाली यह सहायता जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में मदद करेगी और उन्हें वित्तीय राहत भी मिलेगी।
कमजोर वर्गों के कल्याण पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आशीर्वाद योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों तक सरकारी सहायता सीधे पहुंचाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आवश्यक सहयोग देकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जाए।
