एक समय था जब सरकारी स्कूलों को केवल सीमित संसाधनों और साधारण सुविधाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में यह तस्वीर तेजी से बदली है। भगवंत मान सरकार ने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया है। नए भवन, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार किए जा रहे हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
लोहारा स्कूल बना बदलाव की नई मिसाल
इसी शिक्षा अभियान के तहत लुधियाना के लोहारा स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल में नए शैक्षणिक ब्लॉक का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर कहा कि करीब ₹5 करोड़ की लागत से 18 नए क्लासरूम और 3 स्टाफ रूम तैयार किए गए हैं। उन्होंने इस परियोजना में सहयोग देने के लिए वर्धमान टेक्सटाइल ग्रुप का आभार जताते हुए कहा कि सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी से सरकारी शिक्षा को नई मजबूती मिल रही है।
स्कूल ऑफ एमिनेंस से बदल रही पढ़ाई की दिशा
मुख्यमंत्री ने बताया कि लुधियाना में अब तक 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस शुरू किए जा चुके हैं। जल्द ही मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3 में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस भी विद्यार्थियों को समर्पित किए जाएंगे। इन संस्थानों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा, बेहतर प्रयोगशालाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार मिल सके।
परिणामों में दिख रही शिक्षा सुधार की झलक
शिक्षा क्षेत्र में किए गए निवेश का असर अब परीक्षा परिणामों में भी दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल लुधियाना के सरकारी स्कूलों के 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा और 42 विद्यार्थियों ने जेईई (मेन और एडवांस) परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। यह उपलब्धि बताती है कि बेहतर शिक्षण व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और शिक्षकों की मेहनत मिलकर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं।
बुनियादी ढांचे से लेकर भविष्य निर्माण तक
पंजाब सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल नई इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना भी है जहां हर छात्र अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके। इसी सोच के साथ स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है, नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को अधिक आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव मिल सके।
