पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए राज्य सरकार हेरिटेज रूट्स के विकास और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना भी है।
सरकार की योजना के तहत अमृतसर और कपूरथला जैसे ऐतिहासिक शहरों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। इन शहरों में विरासत स्थलों तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों का सौंदर्यीकरण, बेहतर सड़कें, आधुनिक साइन बोर्ड, आकर्षक लाइटिंग, साफ-सफाई और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
अमृतसर, जो श्री हरमंदिर साहिब, जलियांवाला बाग और वाघा बॉर्डर जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है, वहां हेरिटेज रूट्स को अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कई कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, “महलों के शहर” के रूप में प्रसिद्ध कपूरथला में ऐतिहासिक इमारतों, विरासत स्थलों और प्रमुख सड़कों को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
परियोजना के तहत पैदल यात्रियों के लिए बेहतर फुटपाथ, हरियाली, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, सूचना केंद्र और डिजिटल गाइड जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा, स्थानीय कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक खान-पान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी हेरिटेज रूट्स से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे व्यवसायों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हेरिटेज रूट्स का विकास योजनाबद्ध तरीके से किया जाता है, तो पंजाब धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को नई गति मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि हेरिटेज रूट्स का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंजाब की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पंजाब की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आने वाली पीढ़ियों और दुनिया भर के पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
