पंजाब में चीनी की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार चीनी के स्टॉक, बिक्री और सप्लाई पर लगातार नजर रख रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
जमाखोरी करने वालों पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि चीनी जैसी जरूरी चीज की कृत्रिम कमी पैदा करने या जमाखोरी करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाजार में सप्लाई सामान्य बनी रहे और अगर कोई जानबूझकर स्टॉक रोककर कमी का माहौल बनाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
चीनी मिलों के स्टॉक की होगी जांच
सीएम मान ने चीनी मिलों के पास मौजूद स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए हैं। यानी रिकॉर्ड में जितना स्टॉक दिखाया जा रहा है, उसकी वास्तविक स्थिति भी जांची जाएगी। इसके अलावा खाद्य स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और हर सप्ताह स्टॉक की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गन्ने का उत्पादन घटने से बढ़ी चिंता
दरअसल, साल 2025-26 में खराब मौसम के कारण पंजाब समेत देश के कई हिस्सों में गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ था। इसी वजह से चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी। हालांकि मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्पादन में कमी के बावजूद पंजाब में फिलहाल पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है और राज्य में कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है।
थोक खरीदारों के स्टॉक पर भी नजर
सरकार ने चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए लागू स्टॉक सीमा को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने भी जमाखोरी रोकने और सप्लाई बनाए रखने के लिए चीनी कारोबारियों पर स्टॉक होल्डिंग से जुड़े नियम लागू किए हैं। इन कदमों का मकसद बाजार में अनावश्यक कमी और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को रोकना है।
लोगों से घबराने की जरूरत नहीं
सरकार का कहना है कि पंजाब में चीनी की सप्लाई सामान्य है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि चीनी की उपलब्धता को लेकर लोगों के बीच फैल रही किसी भी गलतफहमी या घबराहट को दूर किया जाए। सरकार स्टॉक और बाजार में बिक्री की स्थिति पर लगातार निगरानी रखेगी।
