पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मरीजों को अब सिर्फ कैशलेस इलाज तक सीमित सुविधा नहीं मिल रही है। इलाज के बाद भी 104 हेल्थ हेल्पलाइन के जरिए मरीजों से संपर्क किया जा रहा है। फोन पर उनकी तबीयत, इलाज के अनुभव और डिस्चार्ज के बाद मिली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली जाती है।
मानसा के मरीज को आया फोन
मानसा के हरदेव सिंह ने बठिंडा के जिला अस्पताल में ऑर्थोपेडिक इलाज करवाया था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनका इलाज बिना भुगतान के हुआ। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 104 हेल्थ हेल्पलाइन से उन्हें फोन आया। टीम ने उनकी सेहत, इलाज के दौरान किसी परेशानी और घर जाने के बाद जरूरी दवाइयां मिलने के बारे में पूछा।
होशियारपुर के मरीज का भी अनुभव
होशियारपुर के बलदेव सिंह ने दसूहा के अस्पताल में इलाज करवाया। उनका कहना है कि उन्हें इलाज के लिए भुगतान नहीं करना पड़ा और डिस्चार्ज के बाद जरूरी दवाइयां भी मिलीं। इसके बाद 104 हेल्पलाइन की टीम ने फोन कर उनका हालचाल जाना। उनके मुताबिक, अस्पताल से घर लौटने के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर से संपर्क किया जाना भरोसा देने वाला अनुभव रहा।
मरीजों की प्रतिक्रिया भी ली जा रही
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, 104 हेल्पलाइन के जरिए लाभार्थियों से अस्पताल में भर्ती होने, इलाज, उपचार से जुड़े रिकॉर्ड, डिस्चार्ज के बाद मिली दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संतुष्टि के बारे में जानकारी ली जाती है। इससे मरीजों को अपनी परेशानी या अनुभव सीधे बताने का मौका मिलता है।
104 हेल्पलाइन पर कई सुविधाएं
104 हेल्थ हेल्पलाइन का इस्तेमाल केवल फॉलो-अप के लिए नहीं होता। यहां मुफ्त चिकित्सा सलाह और मार्गदर्शन, मनोवैज्ञानिक परामर्श, नशामुक्ति से जुड़ी काउंसलिंग, शिकायतों के समाधान और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जाती है। मुख्यमंत्री सेहत योजना की पात्रता और इसके तहत मिलने वाली सहायता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
