चंडीगढ़, 4 नवंबर। पंजाब में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में 1,325.35 करोड़ रुपये खर्च कर किसानों को 94,456 फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनें उपलब्ध करवाई हैं। पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि सरकार के प्रयासों से राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में पराली जलाने के 49,922 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 5,114 रह गई। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाकर पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए लगातार काम कर रही है।
2026-27 में 22,763 मशीनों की खरीद
गुरमीत सिंह खुड्डियां के अनुसार, वर्ष 2026-27 के सीजन में किसानों ने करीब 201 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ उठाकर 22,763 CRM मशीनें खरीदी हैं। पिछले वर्ष 2025-26 में 13,147 मशीनें उपलब्ध करवाई गई थीं। इस तरह मशीनों की खरीद में लगभग 73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी किसान पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने से वंचित न रहे।
चार वर्षों में 1,325 करोड़ रुपये से अधिक खर्च
कृषि मंत्री ने वर्षवार आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2022-23 में 27,250 मशीनों के लिए 279.96 करोड़ रुपये, 2023-24 में 13,179 मशीनों के लिए 168.88 करोड़ रुपये, 2024-25 में 18,117 मशीनों के लिए 259.81 करोड़ रुपये और 2025-26 में 13,147 मशीनों के लिए 415.70 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय उपलब्ध मशीनरी का इस्तेमाल कर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा में सहयोग दें।
PACS को 75% फंड आरक्षित
खुड्डियां ने बताया कि छोटे और मध्यम किसानों तक मशीनरी की पहुंच आसान बनाने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) के लिए निर्धारित कुल धनराशि का 75 प्रतिशत हिस्सा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) के लिए आरक्षित किया गया है।
इसके अलावा, बायो-डिकंपोजर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान के तहत 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 846 PACS को 3,247 मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं, जबकि पिछले वर्ष 300 PACS को 1,262 मशीनें दी गई थीं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से छोटे और मध्यम किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक और मशीनरी का लाभ मिल रहा है।
