
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद अब इसे गुरुवार, 3 मार्च को राज्यसभा में पेश किया जाना है। इस बिल को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुसलमानों के हित में नहीं, बल्कि उनके खिलाफ उठाया गया कदम है।
अबू आजमी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अबू आजमी का कहना है कि जो सरकार अब तक मुसलमानों के लिए कोई अच्छा काम नहीं कर पाई, वह अब उनके हक में कोई बिल नहीं ला सकती। उन्होंने कहा, “इनका इरादा नेक नहीं है। यह लोग सिर्फ मुसलमानों को कमजोर करना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार मस्जिदों और कब्रिस्तानों की जमीनों पर कब्जा करना चाहती है। “हमारे बुजुर्गों ने जो ज़मीनें दान की थीं, अब उन पर सरकार की नजर है।”
‘मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है’ – आजमी
अबू आजमी ने कहा कि सरकार मुसलमानों के साथ दोहरा रवैया अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों में जगह खत्म होने के बाद लोग मस्जिद के बाहर पूजा कर सकते हैं, लेकिन अगर मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ी जाती है, तो लोगों का पासपोर्ट और लाइसेंस तक कैंसिल किया जा सकता है।
उनका कहना था कि सरकार मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाना चाहती है और देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए कदम उठा रही है।
राज्यसभा में क्या होगा?
अबू आजमी ने यह भी कहा कि राज्यसभा में भी यह बिल पास हो सकता है, क्योंकि सरकार के पास वहां भी बहुमत है। उन्होंने बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए कहा, “इन्होंने बहुमत के बल पर ही वहां मंदिर बनवाया था।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी इस बिल का विरोध करेगी। “हम अपनी पार्टी के नेताओं से बात करेंगे और पूरी ताकत से इस बिल का विरोध जारी रखेंगे।”
बिल को लेकर विपक्ष का क्या रुख होगा?
लोकसभा में यह बिल पास हो चुका है, लेकिन अब राज्यसभा में इसके खिलाफ विपक्ष की क्या रणनीति होगी, यह देखने वाली बात होगी। विपक्षी दलों के नेता अभी इस पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन अबू आजमी ने साफ कर दिया है कि वे और उनकी पार्टी इस बिल के पूरी तरह खिलाफ हैं और इसे पास नहीं होने देना चाहते।
अब आगे क्या होगा?
अगर यह बिल राज्यसभा में भी पास हो जाता है, तो यह कानून बन जाएगा। लेकिन इसका विरोध जारी रहेगा, क्योंकि कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाती है और विपक्ष इसे रोकने के लिए क्या रणनीति अपनाता है।