
पंजाब सरकार ने नागरिकों को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी और सुशासन मंत्री अमन अरोड़ा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2025 के अंत तक सभी सरपंचों, नंबरदारों और नगर पार्षदों (MCs) की ऑनलाइन लॉगइन ID बनाने का काम पूरा कर लिया जाए। इसका उद्देश्य है कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए चक्कर न काटने पड़ें और सभी सेवाएं ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से मिलें।
अब तक 43,321 स्थानीय प्रतिनिधियों की बन चुकी हैं ID
अमन अरोड़ा ने पंजाब स्टेट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (PSEGS) की गवर्निंग बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि अब तक कुल 43,321 सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसलरों की ऑनलाइन ID बनाई जा चुकी हैं। इन IDs के ज़रिए वे ऑनलाइन आवेदनों और प्रमाण पत्रों की पुष्टि कर सकेंगे। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को अपने कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
95% से अधिक काम पूरा, अप्रैल के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास प्रताप ने बताया कि अब तक लगभग 95% यानि करीब 41,000 से अधिक IDs तैयार की जा चुकी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाकी बची हुई IDs भी इसी महीने के अंत तक तैयार कर ली जाएंगी।
डोरस्टेप सर्विस की फीस ₹120 से घटाकर ₹50 की गई
अमन अरोड़ा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार ने नागरिक केंद्रित सेवाओं को और भी अधिक सुलभ बनाने के लिए डोरस्टेप डिलीवरी सेवा की फीस ₹120 से घटाकर मात्र ₹50 कर दी है। अब राज्य के नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल कर के घर बैठे 406 सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का फायदा दिलाना है।
ई-गवर्नेंस के ज़रिए सुशासन की दिशा में बड़ा प्रयास
मंत्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें निर्बाध सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट ई-गवर्नेंस सोसाइटी कई क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और इनोवेटिव IT और ई-गवर्नेंस समाधान दे रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ रही है।
बैठक में हुई कई बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं –
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ई-सेवा पोर्टल
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जनता शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS)
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सूचना का अधिकार पोर्टल (RTI)
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एम-सेवा
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स्टेट एडमिशन पोर्टल
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कनेक्ट पोर्टल
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विजिटर पास प्रबंधन प्रणाली
इस बैठक में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव घनश्याम थोरी, सुशासन निदेशक गिरीश दयालन, PMIDC की CEO दीप्ति उप्पल, राज्य परिवहन आयुक्त जसप्रीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।यह पहल डिजिटल पंजाब की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे न केवल सरकारी सेवाएं लोगों तक तेजी और पारदर्शिता से पहुंचेंगी, बल्कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों की प्रक्रिया भी सरल और प्रभावी हो सकेगी। पंजाब अब सुशासन और डिजिटल सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर रहा है।