बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को सिर्फ घटाया गया – पंजाब पुलिस

पंजाब पुलिस ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा पूरी तरह वापस नहीं ली गई है, बल्कि खतरे के आकलन के बाद उसे थोड़ा घटाया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि मजीठिया की सुरक्षा पूरी तरह हटा ली गई है, लेकिन पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
पुलिस का बयान – सुरक्षा हटाई नहीं, घटाई गई है
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रमुख व्यक्ति की सुरक्षा समय-समय पर खतरे के मूल्यांकन के आधार पर तय की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत बिक्रम मजीठिया की सुरक्षा में बदलाव किया गया है।
अब भी मिल रही है जरूरी सुरक्षा
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पुलिस के अनुसार, बिक्रम मजीठिया को अब भी जरूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही है।
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उन्हें एस्कॉर्ट वाहन और हथियारबंद सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं।
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उनकी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सुनिश्चित की जा रही है।
खतरों के आधार पर होती है सुरक्षा की समीक्षा
पंजाब पुलिस ने यह भी दोहराया कि किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा की समीक्षा एक सामान्य प्रक्रिया है।
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समय-समय पर संभावित खतरे के आधार पर सुरक्षा घटाई या बढ़ाई जाती है।
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यह राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की विशेषज्ञ रिपोर्टों के आधार पर किया जाता है।
विपक्ष के आरोप और सरकार का रुख
बिक्रम मजीठिया ने अपनी सुरक्षा घटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी और इसे एक राजनीतिक साजिश बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी जान को खतरा हो सकता है।
हालांकि, पंजाब सरकार का कहना है कि यह फैसला सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर लिया गया है और इसका किसी राजनीतिक दबाव से कोई संबंध नहीं है।
क्या यह मामला राजनीतिक रूप ले सकता है?
चुनाव नजदीक होने के कारण सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले सकता है।
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अकाली दल इस फैसले का विरोध कर सकता है और इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बता सकता है।
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वहीं, सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है कि सुरक्षा की समीक्षा एक सामान्य प्रक्रिया है।
बिक्रम मजीठिया की सुरक्षा पूरी तरह हटाने की खबरें गलत हैं। पंजाब पुलिस ने पुष्टि की है कि सुरक्षा सिर्फ घटाई गई है, हटाई नहीं गई।
ऐसे फैसले आमतौर पर संभावित खतरे के आकलन के आधार पर लिए जाते हैं, न कि किसी राजनीतिक उद्देश्य से।