
वक्फ़ संशोधन बिल 2025 को संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा – से पास किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में इसका ज़ोरदार विरोध शुरू हो गया है। खासकर मुस्लिम समुदाय के संगठनों और लोगों ने सड़कों पर उतर कर इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
कई शहरों में हो रहे विरोध प्रदर्शन
कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई, लुधियाना, अहमदाबाद और कर्नाटक सहित कई जगहों पर मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। कोलकाता में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांग की कि यह बिल तुरंत वापस लिया जाए।
प्रदर्शन के चलते इन इलाकों में ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं देखने को मिलीं और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए।
लुधियाना में भी विरोध, ज्ञापन सौंपा गया
लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के बाहर जमात मजलिस अह्रार-ए-इस्लाम की ओर से विरोध दर्ज किया गया। इस संगठन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया था। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने वक्फ संशोधन बिल का पुतला जलाया और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध जाहिर किया।
इस मौके पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कानून में बदलाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन अगर कोई कानून किसी विशेष समुदाय को प्रभावित करता है, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह उस समुदाय की भावनाओं का सम्मान करे।
सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल
4 अप्रैल 2025 को वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने दायर की है। उन्होंने इस कानून को चुनौती देते हुए इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताया है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस बिल की आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर देश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बिल समुदायों के बीच दरार पैदा कर सकता है।
संसद में भी विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का जमकर विरोध किया। उन्होंने इसे मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक बताया। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि यह बिल एक ऐतिहासिक सुधार है और इससे अल्पसंख्यक समुदाय को फायदा होगा।
जामिया और अन्य जगहों पर सुरक्षा कड़ी
दिल्ली के जामिया नगर इलाके में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी तरह, कर्नाटक, अहमदाबाद और हैदराबाद में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
सरकार और समुदाय के बीच बढ़ी टकराव की स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर सरकार और मुस्लिम समुदाय के बीच टकराव की स्थिति बन रही है। एक ओर सरकार इसे सुधार मानती है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम संगठनों का मानना है कि यह उनके अधिकारों और संपत्तियों को प्रभावित कर सकता है।
अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट में इस बिल को लेकर क्या फैसला आता है और सरकार किस तरह से इस मुद्दे पर आगे का रास्ता निकालती है।