
दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले साल के मुकाबले 31.5% अधिक है। उन्होंने इसे “इतिहास का सबसे बड़ा और प्रभावशाली बजट” करार दिया और कहा कि भ्रष्टाचार और अक्षम शासन का दौर अब खत्म हो चुका है।
रेखा गुप्ता ने बजट को जनता की जरूरतों पर केंद्रित बताया और कहा कि इसमें बिजली, सड़क, पानी, परिवहन सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बजट में किए गए बड़े ऐलान
महिला समृद्धि योजना – महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे।
मातृत्व वंदन परियोजना – गर्भवती महिलाओं के लिए 210 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे 21,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान – दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप – 10वीं पास करने वाले 1,200 छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे। इसके लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
यमुना और सीवरेज सफाई के लिए 9,000 करोड़ रुपये – यमुना नदी और दिल्ली के सीवरेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए यह बड़ा निवेश किया गया है।
परिवहन और कनेक्टिविटी सुधार – दिल्ली-NCR में बेहतर परिवहन संपर्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना – स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए 2,144 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे दिल्ली के पात्र लोगों को 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना – गरीब और बेघर लोगों के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
100 नए अटल कैंटीन – सरकार दिल्ली में 100 स्थानों पर सस्ती अटल कैंटीन खोलेगी, जहां गरीबों को सस्ते दरों पर भोजन मिलेगा। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
बुनियादी ढांचे पर 1,000 करोड़ रुपये – दिल्ली के विकास को गति देने के लिए सड़क, पुल, जल निकासी और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए यह बजट आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और तेजी से विकास को सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि 28,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च से सड़कों, पुलों, परिवहन और अन्य जनसेवाओं में सुधार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब दिल्ली सरकार का बजट 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। पिछले वित्त वर्ष में दिल्ली का बजट घटा था, लेकिन इस बार इसे 31.5% बढ़ाकर विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।