
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने दोबारा पदभार संभाल लिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी बजट सत्र से पहले संभाली। SGPC की अंतरिम कमेटी ने उनके इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने फिर से अपने कार्यभार को ग्रहण किया।
धामी ने पदभार संभालने से पहले श्री दरबार साहिब में मत्था टेका, फिर SGPC कार्यालय पहुंचे। जल्द ही SGPC का बजट सत्र पेश किया जाएगा, और यह हमेशा अध्यक्ष की मौजूदगी में ही पेश किया जाता है।
बंदी सिंहों की रिहाई पर बोले SGPC अध्यक्ष धामी
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्र सरकार की नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में सरकार का उदासीन रवैया न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि सिख समुदाय के साथ अन्याय भी है।
धामी ने कहा कि SGPC लंबे समय से बंदी सिखों की रिहाई के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार का नकारात्मक रवैया इसमें सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
प्रधानमंत्री का रवैया उचित नहीं – धामी
धामी ने यह भी कहा कि अकाल तख्त साहिब की पांच सदस्यीय कमेटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय नहीं दिया गया, जो सिख समुदाय के लिए दुखद है।
उन्होंने बताया कि भाई बलवंत सिंह राजोआणा और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर अकाल तख्त साहिब की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। लेकिन, यह अफसोसजनक है कि प्रधानमंत्री ने इस कमेटी से मिलने तक की जहमत नहीं उठाई।
SGPC अध्यक्ष ने भारत सरकार से मांग की कि वह बंदी सिखों की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करे और इस मामले में टालमटोल करने की नीति बंद करे।
SGPC के आगामी फैसले
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SGPC बजट सत्र जल्द होगा पेश
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बजट सत्र SGPC अध्यक्ष की मौजूदगी में ही पेश किया जाता है, इसलिए अब यह जल्द होने की उम्मीद है।
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बंदी सिखों की रिहाई के लिए बढ़ाए जाएंगे प्रयास
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SGPC केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह बंदी सिंहों को तुरंत रिहा करे।
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सिख समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ी जाएगी लड़ाई
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SGPC ने साफ कर दिया है कि सिख समुदाय के हकों के लिए किसी भी तरह का संघर्ष किया जाएगा।
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हरजिंदर सिंह धामी ने SGPC अध्यक्ष पद फिर से संभाल लिया है और वह सिख समुदाय के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। उन्होंने बंदी सिखों की रिहाई, SGPC बजट सत्र, और सिखों के अधिकारों पर जोर दिया है। SGPC अब आगे इस मुद्दे को और अधिक मजबूती से उठाने के लिए तैयार है।