
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। संगम तट पर 17 दिनों से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। मकर संक्रांति के दिन स्नान करने वालों का आंकड़ा अब तक का सबसे बड़ा रहा, लेकिन इसे तोड़ने की संभावना मौनी अमावस्या के दिन है। 29 जनवरी को होने वाले इस महास्नान पर 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा सकते हैं।
मौनी अमावस्या पर स्नान का पूरा शेड्यूल
मौनी अमावस्या के इस विशेष अवसर पर स्नान के लिए अखाड़ों के साधु-संत और श्रद्धालु तड़के से ही तैयार हो जाएंगे। स्नान का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:
- सुबह 5 बजे: स्नान का ब्रह्म मुहूर्त शुरू होगा। महानिर्वाणी अखाड़े के नागा साधु सबसे पहले स्नान करेंगे।
- सुबह 5:50 बजे: निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा स्नान करेंगे।
- सुबह 6:45 बजे: जूना अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा और पंच अग्नि अखाड़ा स्नान करेंगे।
- सुबह 9:25 बजे: बैरागी अखाड़े के संत स्नान करेंगे।
- सुबह 10:05 बजे: दिगंबर अनी अखाड़े के साधु-संत संगम में डुबकी लगाएंगे।
- सुबह 11:05 बजे: निर्मोही अखाड़े के साधु स्नान करेंगे।
- दोपहर 12 बजे: उदासीन परंपरा के तीनों अखाड़े और पंचायती अखाड़ा अमृत स्नान करेंगे।
- दोपहर 1:05 बजे: पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन स्नान करेगा।
- दोपहर 2:25 बजे: पंचायती निर्मल अखाड़ा स्नान करेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। संगम तट पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। स्नान घाटों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में कंटीजेंसी प्लान लागू किया जाएगा।
अखाड़ों के लिए विशेष व्यवस्था
अखाड़ों के साधु-संत और उनके शिष्य स्नान घाटों पर ही स्नान करेंगे। उनकी सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की मजबूत व्यवस्था की गई है। मुख्य स्नान के समय हेलिकॉप्टर से साधु-संतों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके लिए 21 क्विंटल गुलाब के फूलों की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान घाटों पर पानी, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जल पुलिस और गोताखोरों को तैनात किया गया है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
भीड़ प्रबंधन की रणनीति
भीड़ के प्रबंधन के लिए स्नान के बाद श्रद्धालुओं को संगम तट पर अधिक देर तक रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्नान के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाएगा। ट्रेनों और बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं की वापसी सुगम हो सके।
महाकुंभ में उमड़ा आस्था का सैलाब
महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान (मौनी अमावस्या) को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह है। प्रयागराज के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और अन्य रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के अन्य सुरक्षा कर्मियों ने सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है।
विशेष अवसर पर जुटेगा आस्था का महासागर
मौनी अमावस्या का महास्नान महाकुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण है। संगम में डुबकी लगाकर श्रद्धालु अपने पापों का क्षय मानते हैं। इस विशेष अवसर पर प्रयागराज में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस बार की विशेष व्यवस्था और प्रबंधन इसे श्रद्धालुओं के लिए और भी यादगार बनाने का प्रयास कर रहा है।
महाकुंभ का यह अनूठा आयोजन भारत की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। 29 जनवरी को संगम नगरी में उमड़ने वाले इस आस्था के महासागर से प्रयागराज एक बार फिर दुनिया भर में अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का परिचय देगा।