
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम अब ठोस नतीजे देने लगी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में चल रही इस विशेष पहल के तहत जहां नशा तस्करों पर सख्ती की जा रही है, वहीं नशा पीड़ितों को इलाज और पुनर्वास की सुविधा भी तेजी से दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, जो इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं, ने बताया कि पिछले 35 दिनों में राज्य पुलिस ने 2954 एफआईआर दर्ज की हैं। इस दौरान 55 नशा तस्करों की अवैध संपत्तियां गिराई गई हैं और लगभग ₹5.93 करोड़ की ड्रग मनी जब्त की गई है। पुलिस ने 196 किलो हेरोइन, 55 किलो चरस और गांजा भी बरामद किया है।
इलाज और पुनर्वास पर भी ज़ोर
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार नशे के शिकार लोगों को इलाज और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने बताया कि ओओएटी क्लीनिकों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
सरकार ने पहले ही नशा मुक्ति केंद्रों, क्लीनिकों और काउंसलिंग सेवाओं का पर्याप्त ढांचा तैयार कर लिया था। इन केंद्रों में डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और काउंसलरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है ताकि पीड़ितों को बेहतर सेवा मिल सके।
रोजगार और कौशल विकास से पुनर्वास की ओर
सरकार की मंशा है कि इलाज के बाद ये लोग आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है और रोज़गार ब्यूरो में पंजीकरण करवा कर उन्हें नौकरियों या स्वरोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं।
समाज में जागरूकता और निगरानी समितियाँ
राज्य के स्कूलों, गांवों और शहरों में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियाँ बनाई गई हैं जो अपने इलाकों में नशे की गतिविधियों पर नज़र रखती हैं और प्रशासन को सूचित करती हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस की चौकसी और निगरानी के चलते पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रही नशे की खेप में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
ई-सिगरेट पर भी होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वे जल्द ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर ऑनलाइन बिक रही ई-सिगरेट और अन्य नशीले उत्पादों पर नियंत्रण के लिए सख्त नियमों की मांग करेंगे। उनका कहना है कि युवाओं को इन उत्पादों से बचाना सरकार की प्राथमिकता है।
जनभागीदारी से ही होगा बदलाव
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नशा पीड़ितों को इलाज के लिए प्रेरित करें और नशा तस्करों की जानकारी साझा करने में सहयोग करें। इसके लिए सरकार ने एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर – 9779100200 जारी किया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र में सक्रिय तस्करों की जानकारी गुप्त रूप से दे सकता है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पंजाब को नशा मुक्त बनाना केवल सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सबकी साझी लड़ाई है। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ एक जन आंदोलन है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।”
इस अभियान के माध्यम से पंजाब सरकार आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।