
हाल ही में टैक्स और इमिग्रेशन कंसल्टेंसी नोमैड कैपिटलिस्ट ने दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग जारी की है। इस साल आयरलैंड का पासपोर्ट पहले स्थान पर रहा है, जो पहली बार हुआ है। इस लिस्ट में 199 देशों के पासपोर्ट का विश्लेषण किया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है। हालांकि, भारत की रैंकिंग पहले से गिरकर 148वें स्थान पर पहुंच गई है।
कैसे तय होती है पासपोर्ट की रैंकिंग?
नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट की ताकत को पाँच मुख्य कारकों के आधार पर मापता है:
1. वीजा-मुक्त यात्रा – 50%
2. कर प्रणाली (टैक्स) – 20%
3. दुनिया में देश की छवि – 10%
4. दोहरी नागरिकता की सुविधा – 10%
5. व्यक्तिगत स्वतंत्रता – 10%
इन सभी कारकों के आधार पर हर साल पासपोर्ट की ताकत मापी जाती है। इसके लिए 199 देशों और क्षेत्रों के सरकारी डेटा, रियल-टाइम इंटेलिजेंस और रिसर्च का इस्तेमाल किया जाता है। इस रैंकिंग में मोबिलिटी स्कोर को ध्यान में रखा जाता है, जो यह दिखाता है कि किसी देश के नागरिकों को यात्रा में कितनी सुविधा मिलती है।
टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट वाले देश:
1. आयरलैंड (1वां स्थान)
2. स्विट्जरलैंड (2वां)
3. ग्रीस (2वां)
4. पुर्तगाल (4वां)
5. माल्टा (5वां)
6. इटली (5वां)
7. लक्ज़मबर्ग (7वां)
8. फिनलैंड (7वां)
9. नॉर्वे (7वां)
10. यूएई, न्यूजीलैंड, आइसलैंड (तीनों 10वें स्थान पर)
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग
भारत को इस साल 148वां स्थान मिला है, जो उसने कोमोरोस के साथ साझा किया। भारत को कुल 47.5 अंक मिले हैं:
कर प्रणाली (टैक्स) – 20 अंक
वैश्विक छवि (ग्लोबल इमेज) – 20 अंक
दोहरी नागरिकता की सुविधा – 20 अंक
व्यक्तिगत स्वतंत्रता – 20 अंक
पिछले साल भारत 147वें स्थान पर था, लेकिन इस साल इसकी रैंकिंग थोड़ी गिर गई है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भी भारत की रैंकिंग 80वें स्थान से गिरकर 85वीं हो गई है।
सबसे कमजोर पासपोर्ट
दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट की लिस्ट में ये देश शामिल हैं:
पाकिस्तान (195वां स्थान)
इराक (196वां स्थान)
इरिट्रिया (197वां स्थान)
यमन (198वां स्थान)
अफगानिस्तान (199वां स्थान)
आयरलैंड क्यों बना नंबर 1?
आयरलैंड का पासपोर्ट दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट बना, क्योंकि इसके नागरिकों को पूरे यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन (UK) में बिना किसी रोक-टोक के यात्रा और काम करने की सुविधा मिलती है। साथ ही, इसकी कर प्रणाली और व्यक्तिगत स्वतंत्रता भी मजबूत मानी जाती है।
इस रिपोर्ट से पता चलता है कि किसी भी देश का पासपोर्ट सिर्फ यात्रा की सुविधा ही नहीं, बल्कि कर प्रणाली, वैश्विक छवि और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर भी निर्भर करता है। आयरलैंड का पासपोर्ट इस साल सबसे मजबूत रहा, जबकि भारत की रैंकिंग थोड़ी गिरी। भारतीय नागरिकों को वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा बढ़ाने और वैश्विक छवि सुधारने के लिए सरकार को और प्रयास करने होंगे।