
संगरूर से आम आदमी पार्टी (AAP) के लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद के शून्यकाल के दौरान फसल खरीद से जुड़े दो बड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने सरकार से आढ़तियों के कमीशन को फिर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का 2.5% निर्धारित करने और पंजाब में चावल की लिफ्टिंग (उठाव) तेज करने के लिए विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
आढ़तियों के कमीशन का मुद्दा
मीत हेयर ने बताया कि 2019-20 तक गेहूं और धान पर आढ़तियों को MSP का 2.5% कमीशन मिलता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे बदलकर 46 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। इस फैसले के बाद बढ़ती महंगाई के बावजूद यह कमीशन जस का तस बना रहा, जिससे आढ़तियों को काफी नुकसान हुआ।
कमीशन कम होने के कारण आढ़तियों ने हड़ताल की, जिससे पंजाब में फसल खरीद प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि आढ़तियों की यह मांग बिल्कुल जायज़ है और केंद्र सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दोबारा से MSP का 2.5% कमीशन बहाल करने की मांग की ताकि आढ़तियों को उनका हक मिल सके और फसल खरीद सुचारू रूप से हो सके।
धान की लिफ्टिंग में देरी से बढ़ी समस्या
इसके अलावा, सांसद मीत हेयर ने राइस मिलर्स (चावल मिल मालिकों) की परेशानी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पहले मार्च-अप्रैल तक पंजाब से धान की लिफ्टिंग (उठाव) पूरी हो जाती थी, लेकिन अब इसमें छह महीने या उससे ज्यादा का समय लग रहा है।
देरी से हो रहा बड़ा नुकसान
🔴 भंडारण की समस्या: धान ज्यादा समय तक गोदामों में पड़ा रहने से नमी और खराब मौसम के कारण खराब हो सकता है।
🔴 फसल का नुकसान: लंबे समय तक भंडारण के कारण धान के दाने टूट जाते हैं, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान होता है।
🔴 मिलर्स पर असर: समय पर उठाव न होने से चावल मिल मालिकों (राइस मिलर्स) को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे कई मिलें बंद हो रही हैं।
पंजाब के लिए विशेष ट्रेनें (स्पेशल ट्रेनों) की मांग
मीत हेयर ने केंद्र सरकार से मांग की कि धान की लिफ्टिंग तेज करने के लिए पंजाब के लिए विशेष मालगाड़ियों (स्पेशल ट्रेनों) की संख्या बढ़ाई जाए। इससे गोदामों में भंडारण की समस्या दूर होगी, फसल का नुकसान कम होगा और चावल मिलर्स को राहत मिलेगी।
लोकसभा में मीत हेयर ने आढ़तियों और राइस मिलर्स के मुद्दे को मजबूती से उठाया और केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की। अगर सरकार जल्द कार्रवाई करती है तो इससे फसल खरीद की प्रक्रिया में तेजी आएगी, किसानों और आढ़तियों को फायदा होगा और पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।