
म्यांमार में 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद लगातार झटकों का सिलसिला जारी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हो चुके हैं। भूकंप के चलते इमारतें, सड़कें और पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
28 मार्च को कई देशों में महसूस हुए भूकंप के झटके
28 मार्च को म्यांमार, चीन, थाईलैंड और भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। पहला झटका दोपहर 12:50 बजे आया, जिसकी तीव्रता 7.7 थी। इस झटके के 12 मिनट बाद ही 6.4 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। इस भूकंप के कारण म्यांमार में भारी तबाही हुई।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, म्यांमार में शुक्रवार रात 11:56 बजे फिर से 4.7 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इसके बाद भी कई बार धरती हिली, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है।
अब तक कितने लोग हुए प्रभावित?
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1002 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
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2376 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
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कई बौद्ध मंदिर, पुल, और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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हजारों लोग बेघर हो गए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
म्यांमार के अलावा अफगानिस्तान में भी आया भूकंप
अफगानिस्तान में भी शनिवार सुबह 5:16 बजे भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई और यह 180 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।
म्यांमार में आफ्टरशॉक्स का खतरा जारी
भूकंप के बाद भी लगातार छोटे झटके (आफ्टरशॉक्स) महसूस किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था, जिससे इसकी तीव्रता ज्यादा थी और झटकों का खतरा बना हुआ है।
भूकंप से हुई तबाही की झलक
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घरों और इमारतों में दरारें पड़ गई हैं और कई पूरी तरह गिर गई हैं।
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सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है।
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बौद्ध मंदिर और ऐतिहासिक इमारतों को भी काफी नुकसान हुआ है।
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कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
सरकार और राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, और बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की जा रही हैं।
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रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं।
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बचाव कार्यों के लिए सेना और वॉलंटियर्स को भी लगाया गया है।
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स्थानीय प्रशासन खाने-पीने की चीजें और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।
भूकंप से बचाव के लिए क्या करें?
भूकंप जैसी आपदा में सतर्कता बहुत जरूरी है। अगर भूकंप आए तो:
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खुले मैदान की ओर भागें और इमारतों से दूर रहें।
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भूकंप के दौरान घर में हों, तो टेबल के नीचे छिपें और सिर को किसी मजबूत चीज से ढकें।
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लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों का उपयोग करें।
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रेडियो और सरकारी निर्देशों पर ध्यान दें।
भविष्य में ऐसे भूकंप से कैसे बचा जा सकता है?
भूकंप से बचाव के लिए भवनों को भूकंपरोधी बनाने की जरूरत है। इसके अलावा, सरकार को आपातकालीन योजनाएं बनानी होंगी ताकि ऐसी आपदाओं के दौरान नुकसान कम हो। वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है, लेकिन सतर्कता और जागरूकता से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है.
म्यांमार में आया विनाशकारी भूकंप कई लोगों की जिंदगी छीन चुका है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन आफ्टरशॉक्स का खतरा अब भी बना हुआ है। इस भूकंप ने एक बार फिर याद दिलाया कि प्राकृतिक आपदाओं के लिए पहले से तैयारी करना कितना जरूरी है।