
पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनकी जानकारी कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी। इन फैसलों में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और नई माइनिंग पॉलिसी शामिल हैं।
50 साल से ऊपर के लोगों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा
कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत 50 साल से ऊपर के लोगों के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस योजना के तहत, पंजाब के बुजुर्गों को आरामदायक यात्रा, ए.सी. बसें, ठहरने और खाने-पीने की सुविधाएं मुफ्त में दी जाएंगी।
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रजिस्ट्रेशन अप्रैल के आखिरी हफ्ते से शुरू होगा और मई में यात्राएं शुरू हो जाएंगी।
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तीर्थ यात्रा में हर धर्म के धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है।
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पंजाब के लोग श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर और अन्य तीर्थ स्थलों पर जा सकेंगे।
हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, और इस योजना का मकसद उन्हें आध्यात्मिक शांति और धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर देना है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा सुधार
कैबिनेट बैठक में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस में से 80 स्कूलों को चुना गया, जहां ‘स्कूल मेंटॉरशिप प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत:
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IAS, IPS और अन्य सिविल सेवा अधिकारियों को एक-एक स्कूल गोद लेना होगा।
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ये अधिकारी कम से कम 5 साल तक इन स्कूलों से जुड़े रहेंगे और छात्रों को मार्गदर्शन देंगे।
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छात्रों को सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया जाएगा और उनके मन में अफसर बनने की इच्छा पैदा होगी।
नई माइनिंग और क्रशर पॉलिसी में बदलाव
कैबिनेट ने माइनिंग एंड क्रशर पॉलिसी में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य:
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गैर-कानूनी माइनिंग को रोकना।
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पंजाब के राजस्व (राज्य की आमदनी) में बढ़ोतरी करना।
इस नई नीति से अवैध खनन पर सख्ती होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचेगा।
पंजाब सरकार के ये फैसले बुजुर्गों, छात्रों और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होंगे। तीर्थ यात्रा योजना से धार्मिक आस्था को बढ़ावा मिलेगा, शिक्षा सुधार से छात्रों को उज्ज्वल भविष्य मिलेगा और माइनिंग पॉलिसी से राज्य का राजस्व बढ़ेगा। पंजाब सरकार का लक्ष्य जनता की भलाई और राज्य के विकास को प्राथमिकता देना है।