
पंजाब सरकार ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ अभियान शुरू किया है। इस मुहिम के तहत पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने जिला प्रशासनिक परिसर के मीटिंग हॉल में जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
नशा तस्करों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि जो लोग पंजाब की जवानी को नशे में झोंक रहे हैं, उनके लिए अब पंजाब में कोई जगह नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशे की जड़ को खत्म करने के लिए यह अभियान पूरी ताकत से चलाया जाए और युवाओं को नशे से बचाने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
गांवों में भी तेज हुई मुहिम
डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने जानकारी दी कि जिले की 175 पंचायतों ने नशे के खिलाफ संकल्प लिया है। प्रशासन द्वारा नशा छोड़ चुके युवाओं को रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर अन्य लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
इसके अलावा:
✔ जिला स्तर पर लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया गया, जिसमें 4000 लोग शामिल हुए।
✔ अब गांवों में नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा।
✔ सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बोर्ड लगाए जाएंगे।
पुलिस की तस्करों पर कड़ी कार्रवाई
जिला पुलिस प्रमुख मुहम्मद सरफराज आलम ने बैठक में बताया कि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि बर्नाला जिले में 277 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, 18 किलो पोस्त और 7500 नशीली गोलियां बरामद की गई हैं।
इसके अलावा:
✔ एक करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई।
✔ एक मकान को नशा तस्करी से जुड़े होने के कारण ध्वस्त किया गया।
✔ तीन फार्मेसियों को सील किया गया और दो के लाइसेंस रद्द कर दिए गए।
✔ 11 फार्मेसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
नशामुक्त पंजाब की ओर बड़ा कदम
बैठक के बाद मंत्री सोंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब में नशे की समस्या के लिए शिरोमणि अकाली दल जिम्मेदार है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 4 हफ्तों में नशा खत्म करने का दावा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले तीन वर्षों से लगातार नशे और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। राज्य के हर जिले में मंत्रियों को इस मुहिम की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे इसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।
लोगों का बढ़ता समर्थन
मंत्री सोंद ने कहा कि अगर इसी तरह जनता का समर्थन मिलता रहा, तो पंजाब जल्द ही नशामुक्त होगा। बर्नाला जिले की 175 पंचायतों ने पुलिस और प्रशासन को नशा खत्म करने में सहयोग देने का भरोसा दिया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सोंद को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बैठक में विधायक लाभ सिंह उग्गोके, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन राम तीरथ मंना, हरिंदर सिंह धालीवाल, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर अनुप्रिता जौहल, एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासन, पुलिस और आम जनता के सहयोग से नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए लाइट एंड साउंड शो, नुक्कड़ नाटक और पंचायतों के संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं। अगर यह मुहिम इसी तरह जारी रही, तो पंजाब जल्द ही नशामुक्त बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा चुका होगा।