
पंजाब सरकार ने ग्रामीण इलाकों की खस्ताहाल लिंक सड़कों को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में 1000 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। यह पहला मौका है जब सरकार इन सड़कों की मरम्मत और रख-रखाव के लिए पांच साल का अनुबंध करेगी। पहले यह अनुबंध सिर्फ एक साल के लिए होता था, जिससे सड़कों की मरम्मत में देरी हो जाती थी। लेकिन अब जैसे ही सड़कें खराब होंगी, तुरंत उनकी मरम्मत हो सकेगी।
बजट में सड़कों के लिए अलग से रखे गए फंड
राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस साल बजट में सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए खास फंड का प्रावधान किया है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में सड़क परियोजनाओं को पैसों की कमी के कारण रोका न जाए। इस फैसले से खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से टूटी-फूटी सड़कों की समस्या झेल रहे हैं।
विधानसभा सत्र में भी उठा था सड़कों का मुद्दा
21 मार्च से 28 मार्च तक चले पंजाब विधानसभा सत्र में भी खराब सड़कों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया था। कई विधायकों ने बताया था कि गांवों में लिंक सड़कों की हालत बहुत खराब है और सरकार को इस दिशा में जल्द कदम उठाने चाहिए। जवाब में सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार की ओर से RDF (Rural Development Fund) फंड नहीं मिलने के कारण कई सड़क प्रोजेक्ट अटके हुए हैं।
नाबार्ड से लिया जाएगा कर्ज
सरकार ने तय किया है कि अब नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) से कर्ज लेकर यह सड़कें बनाई जाएंगी। इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली गई है। सरकार को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण इलाकों की सड़कों में सुधार होगा और लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
पांच प्रमुख शहरों की सड़कों को भी मिलेगा नया रूप
सिर्फ ग्रामीण सड़कों पर ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार ने शहरों की सड़कों को भी सुधारने का प्लान बनाया है। अमृतसर, जालंधर, मोहाली, लुधियाना और पटियाला जैसे पांच बड़े शहरों में विश्वस्तरीय सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि साल के अंत तक इन शहरों की प्रमुख सड़कों का कायाकल्प हो जाए।
इन सड़कों के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। ट्रैफिक को देखते हुए खास ढांचागत बदलाव किए जाएंगे ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
जनता को मिलेगी बड़ी राहत
इस पूरी योजना का मकसद है कि पंजाब की सड़कों को मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाया जाए। चाहे वो ग्रामीण इलाकों की लिंक सड़कें हों या शहरों की मुख्य सड़कें – हर जगह सुधार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अच्छी सड़कें राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी, क्योंकि इससे व्यापार, परिवहन और आम लोगों की आवाजाही बेहतर होगी।
जल्द ही सरकार इस संबंध में और जानकारी साझा करेगी और परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो 2025 के अंत तक पंजाब की सड़कों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।