
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 207 शराब ठेकों (रिटेल ग्रुप) के आवंटन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने का ऐलान किया है। यह प्रक्रिया 5 मार्च 2025 को शुरू हुई थी और 2 अप्रैल 2025 को समाप्त हुई।
इस प्रक्रिया के तहत 9,017 करोड़ रुपये के अनुमानित लक्ष्य से अधिक 9,878 करोड़ रुपये की वार्षिक लाइसेंस फीस प्राप्त हुई, जो तय रिजर्व प्राइस से 9.5% अधिक है। यह पंजाब आबकारी विभाग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
ऑनलाइन नीलामी से पारदर्शी प्रक्रिया
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आबकारी विभाग ने ऑनलाइन नीलामी के जरिए 207 रिटेल ग्रुप्स को सफलतापूर्वक अलॉट किया। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इससे पंजाब सरकार की पारदर्शी नीति की पुष्टि होती है।
वित्त मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय आबकारी नीति 2025-26 को दिया, जिसे शराब के व्यापार को नियमित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत सरकार का राजस्व 11,500 करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य है।
पंजाब की आबकारी नीति ने बनाए नए रिकॉर्ड
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पंजाब आबकारी विभाग लगातार राजस्व वृद्धि हासिल कर रहा है। यह सफलता नीति में किए गए रणनीतिक बदलावों और प्रभावी प्रबंधन का परिणाम है। नई नीति के तहत:
✔ सही दामों पर उच्च गुणवत्ता वाली शराब की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
✔ शराब कारोबार से जुड़े हितधारकों को पारदर्शी माहौल दिया गया।
✔ आबकारी राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों को संतुलित किया गया।
अवैध शराब और तस्करी पर सख्ती
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आबकारी विभाग अवैध शराब और तस्करी (राज्य के अंदर और बाहर दोनों) पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की तस्करी रोकने और राजस्व बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
आबकारी विभाग ने:
✔ उच्च तकनीक की निगरानी प्रणाली अपनाई है।
✔ सिविल और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कड़ी कार्रवाई की है।
✔ शराब व्यापार में पारदर्शिता और विश्वास कायम किया है।
पंजाब सरकार की नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा
वित्त मंत्री ने बताया कि नई आबकारी नीति से शराब व्यापार के हितधारकों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि कारोबार में स्थिरता और पारदर्शिता बनाए रखना भी है।
पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति राजस्व बढ़ाने, अवैध कारोबार रोकने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने में सफल रही है। पारदर्शी ऑनलाइन नीलामी, प्रभावी प्रबंधन और तस्करी पर सख्ती के चलते पंजाब ने आबकारी क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास को गति मिलेगी।