
पंजाब सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए रजिस्ट्री और इंतकाल का काम फिर से शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की हिदायतों के बाद डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया है।
हड़ताल के कारण ठप हुआ था काम
हाल ही में तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और सब-रजिस्ट्रारों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ हड़ताल की थी, जिसके चलते रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से ठप हो गया था। सरकार ने इस दौरान रजिस्ट्री का काम कानूनगो को सौंप दिया, लेकिन इंतकाल की जिम्मेदारी किसे दी जाए, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
इसके चलते बीते एक हफ्ते में हजारों रजिस्ट्रियां लंबित हो गई थीं, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अब सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए रजिस्ट्री और इंतकाल के काम को सेवा केंद्रों में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।
अब सेवा केंद्रों से होगी रजिस्ट्री, मिलेगी ऑनलाइन सुविधा
सरकार की योजना के अनुसार, अब रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों का पंजीकरण सेवा केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए वीडियो कॉल के जरिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे इस नई प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकें।
सेवा केंद्रों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने से आम जनता को कई फायदे होंगे: ऑनलाइन नागरिक सेवा पोर्टल से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे।
डोर-स्टेप डिलीवरी की सुविधा मिलेगी, जिससे दस्तावेज सीधे घर पहुंचाए जाएंगे।
रजिस्ट्री कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
सरकारी दफ्तरों में भीड़ कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
क्या यह प्राइवेटाइजेशन की शुरुआत है?
सरकार का यह फैसला राजस्व विभाग के निजीकरण की ओर बढ़ते कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। कई अधिकारियों का मानना है कि सेवा केंद्रों को रजिस्ट्री का अधिकार देने से सरकारी विभागों की भूमिका धीरे-धीरे कम हो सकती है। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह सिर्फ जनता की सुविधा के लिए किया गया एक बड़ा प्रशासनिक सुधार है।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए किए गए प्रयास
पंजाब में रजिस्ट्री और राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए समय-समय पर कई सुधार किए गए हैं।
- अकाली-भाजपा सरकार (2007-2017) के दौरान: तहसीलों और रजिस्ट्री कार्यालयों को एयर-कंडीशंड बनाया गया और बेचने वाले व खरीददार की पहचान दर्ज करना अनिवार्य किया गया।
- कांग्रेस सरकार (2017-2022) के दौरान: ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम शुरू किया गया, जिससे लोग पहले से समय बुक कर सकते थे।
- आप सरकार (2022-वर्तमान) में: पहली बार सेवा केंद्रों में रजिस्ट्री का काम स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे डिजिटल सुविधा बढ़ेगी और जनता को पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।
कैसे होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन?
- नागरिक सेवा पोर्टल पर जाएं और रजिस्ट्री के लिए आवेदन करें।
- सेवा केंद्र से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें।
- डोर-स्टेप डिलीवरी के जरिए दस्तावेज घर मंगवा सकते हैं या सेवा केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं।
नए सिस्टम से जनता को फायदा
लोगों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और भ्रष्टाचार कम होगा।
घर बैठे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी।
क्या यह सिस्टम सफल होगा?
सरकार का मानना है कि यह नई डिजिटल प्रक्रिया जनता के लिए अधिक सुविधाजनक होगी। हालांकि, इसका असली प्रभाव व्यवस्था लागू होने के बाद ही पता चलेगा। अब देखना यह होगा कि यह सिस्टम भ्रष्टाचार को रोकने और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज करने में कितना कारगर साबित होता है।