
पर्यावरण को लेकर हमेशा जागरूक रहने वाले संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने धरती के नीचे घटते जलस्तर को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें “पवन गुरु, पानी पिता” का संदेश दिया था, लेकिन हम इस संदेश की रक्षा नहीं कर पाए। इसी कारण आज दुनिया संघर्षों से घिरी हुई है।
संत सीचेवाल ने बताया कि पंजाब के करीब 20 जिलों का पानी अब पीने योग्य नहीं बचा क्योंकि उसमें रसायन और अन्य हानिकारक तत्व मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि 15 लाख से अधिक ट्यूबवेल पंपों के जरिए हम लगातार धरती से पानी निकाल रहे हैं, जिससे जलस्तर बेहद तेजी से गिर रहा है। यह स्थिति बहुत चिंताजनक है और अगर इसे नहीं रोका गया, तो भविष्य में भारी संकट खड़ा हो सकता है।
संत सीचेवाल ने यह भी कहा कि हमने अपनी नदियों और ड्रेनों (नालों) का पानी भी दूषित कर दिया है। अगर इस पानी को साफ किया जाता, तो इसे खेती के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। उन्होंने खासतौर पर काला संघिया ड्रेन और बुड्ढा नाला, लुधियाना का जिक्र करते हुए कहा कि इन नालों में गंदगी और रसायन मिल जाने से पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया है।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं कि इन नालों और अन्य जलस्रोतों को साफ किया जाए। उनका लक्ष्य है कि ट्रीटमेंट प्लांट्स के जरिए गंदे पानी को शुद्ध करके खेती के लिए उपयोग में लाया जाए।
संत सीचेवाल ने सभी से अपील की कि हमें अपने जलस्रोतों की रक्षा करनी होगी। अगर हमने अभी से जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान के संदेशों को अपनाकर ही हम अपनी धरती और पर्यावरण को बचा सकते हैं।