
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला। शुरुआत में बाजार में 800 अंकों तक की तेज गिरावट हुई, लेकिन बाद में इसमें कुछ सुधार देखने को मिला। फिर भी, बाजार लाल निशान पर ही बंद हुआ।
इस गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका का भारत पर 27% जवाबी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का फैसला रहा। हालांकि, निवेशकों ने इस पर ज्यादा घबराहट नहीं दिखाई और बाजार दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद संभलने में सफल रहा।
📉 सेंसेक्स: 322.08 अंकों (0.42%) की गिरावट के साथ 76,295.36 पर बंद हुआ।
📉 निफ्टी: 82.25 अंकों (0.35%) की गिरावट के साथ 23,250.10 के स्तर पर बंद हुआ।
🔴 बैंकिंग और आईटी सेक्टर में गिरावट देखने को मिली।
🟢 कुछ फार्मा और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में थोड़ी मजबूती रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अभी थोड़ी अस्थिरता (volatility) बनी रह सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म में भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। अगर अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ को लेकर कोई सकारात्मक बातचीत होती है, तो बाजार फिर से मजबूती दिखा सकता है।
📌 लॉन्ग टर्म निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
📌 कमजोर शेयरों में पैसा लगाने से बचें और मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखें।
📌 बाजार के अगले संकेतों पर नजर रखें और सोच-समझकर फैसले लें।
अमेरिका के टैरिफ फैसले का भारतीय शेयर बाजार पर असर जरूर दिखा, लेकिन बाजार ने बड़ी गिरावट से उबरने की कोशिश की। आने वाले दिनों में बाजार की चाल अमेरिका-भारत के व्यापारिक रिश्तों और ग्लोबल इकोनॉमिक संकेतों पर निर्भर करेगी।