चिट्टे का काला धब्बा हटाएंगे: CM भगवंत मान का विधानसभा में बड़ा ऐलान
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज समाप्त हो गया, लेकिन इसका आखिरी दिन पूरी तरह से हंगामे और तीखी बहसों से भरा रहा। सदन में जहां एक ओर धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से जुड़ा बिल पेश किया गया, वहीं दूसरी तरफ नशे के मुद्दे पर जोरदार चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर कानून बनाने के लिए एक प्रस्ताव सदन में रखा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी धर्मों और जनता की राय ली जाएगी, ताकि कोई कमी न रह जाए। इसी वजह से यह बिल पास न होकर सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया है, जो अगले कुछ महीनों में इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी।
दूसरी ओर, नशे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि यह एक ‘नस्लकुशी’ जैसा अपराध है। नशे ने न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है बल्कि पूरे परिवारों को तबाह कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध चल रहा है और बड़े-बड़े तस्करों को भी बख्शा नहीं जा रहा।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 7,000 से ज्यादा गांवों में जाकर लोगों से नशा छोड़ने की शपथ ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असली तस्कर खुद सामने नहीं आते, बल्कि उनके लिए काम करने वाले ‘सत्ता’, ‘पिंडी’ और ‘भोला’ जैसे लोग ही पकड़े जाते हैं। अब सरकार ने कार्रवाई तेज की है और नशे के धंधे से जुड़ी कई प्रॉपर्टियां जब्त की जा रही हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि पंजाब को “चिट्टे” जैसे कलंक ने बदनाम किया है।
सदन में चर्चा के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब मंत्री तरुणप्रीत सिंह के बयान पर कांग्रेस ने विरोध जताया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि मंत्री ने एक विधायक को नाम लेकर “नशा तस्कर” कहा है। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि विधायक ने सदन में दुरव्यवहार किया। डिप्टी स्पीकर ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए सभी से अपील की कि सदन की मर्यादा बनाए रखें क्योंकि पूरा पंजाब सदन की कार्रवाई को देख रहा है।
मुख्यमंत्री के भाषण के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
इस तरह, विशेष सत्र का अंत तीखी बहसों, गम्भीर मुद्दों और राजनीतिक तकरारों के बीच हुआ, लेकिन साथ ही यह संकेत भी मिला कि आने वाले दिनों में सरकार धार्मिक भावनाओं और नशे के मुद्दे पर कड़े कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
