पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पंजाब को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए और सभी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में 90:10 फंडिंग का अनुपात लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को कई अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए उसे विशेष सहायता मिलनी चाहिए।
बॉर्डर क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की मांग
मुख्यमंत्री मान ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के विकास के लिए एक विशेष बॉर्डर पैकेज देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगती 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण राज्य को सुरक्षा, ड्रोन तस्करी, आतंकवाद और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सीमा से जुड़े कई गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
मोहाली को बनाने की मांग ‘नेशनल नॉलेज हब’
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मोहाली को ‘नेशनल नॉलेज हब’ घोषित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि मोहाली पहले से ही शिक्षा, आईटी और तकनीकी क्षेत्र का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। यदि इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दी जाए तो यहां और अधिक निवेश, शोध संस्थान और रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर पर जोर
मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार से मोहाली में ‘इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर’ स्थापित करने की मांग भी की। उनका मानना है कि इससे पंजाब देश के उभरते सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
