नेपाल में बुधवार को अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े इलाके में तबाही मचा दी। उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसके बाद तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में पानी घुस गया। बाढ़ का असर सड़कों, पुलों, घरों और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर पड़ा है।
16 लोगों की मौत, कई लोग अब भी लापता
ताजा जानकारी के मुताबिक नेपाल में बाढ़ से कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन और ढांचे बह गए हैं। रेस्क्यू टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
105 भारतीय भी लापता बताए गए
बाढ़ का असर भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 291 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 105 भारतीय शामिल हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले कई तीर्थयात्रियों से भी संपर्क टूटने की खबर है।
सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा
नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस की टीमें रेस्क्यू में लगी हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बिहार और यूपी में भी बढ़ी चिंता
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। बिहार में गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाई गई है। NDRF और SDRF को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी के सीमावर्ती इलाकों पर भी नजर
नेपाल से आने वाले पानी के कारण उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और आसपास के इलाकों में भी संभावित बाढ़ का खतरा बढ़ा है। प्रशासन ने नारायणी नदी के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारत और चीन से मांगी गई मदद
नेपाल ने राहत और बचाव अभियान में भारत और चीन से सहायता मांगी है। इस बीच नेपाल पुलिस ने लोगों से अफवाहों और बिना पुष्टि वाली सोशल मीडिया पोस्ट से बचने की अपील की है, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
