पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राज्य में लागू ₹10 लाख की कैशलेस हेल्थकेयर सुविधा को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना की ज़मीनी स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ हर ज़रूरतमंद तक बिना किसी रुकावट पहुंचे।
नियमों से हटने पर जीरो टॉलरेंस
स्वास्थ्य मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि तय किए गए नियमों और दिशानिर्देशों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर ज़ोर देते हुए कहा कि योजना के संचालन में पारदर्शिता और नैतिक आचरण सबसे अहम हैं। अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों को निर्देश, मरीजों को मिले प्राथमिकता
बैठक के दौरान मंत्री ने योजना के तहत पैनल में शामिल सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वे तय गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान मरीजों को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी न होने दी जाए। कैशलेस सुविधा का मतलब है कि मरीज को इलाज के समय जेब से पैसा न देना पड़े।
पारदर्शी और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य सिर्फ इलाज देना नहीं, बल्कि लोगों को भरोसेमंद और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पतालों, डॉक्टरों और स्टाफ को संवेदनशील रवैया अपनाना होगा। सरकार चाहती है कि आम आदमी को समय पर और बेहतर इलाज मिले।
जनता के हित में लगातार निगरानी
मंत्री ने यह भी कहा कि योजना के सही क्रियान्वयन के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। फील्ड स्तर से मिलने वाली फीडबैक के आधार पर सुधार किए जाएंगे, ताकि यह योजना पंजाब के लोगों के लिए वास्तव में जीवनरक्षक साबित हो सके।
