चंडीगढ़ में एक बार फिर फैंसी और वीआईपी वाहन नंबरों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) चंडीगढ़ द्वारा आयोजित ऑनलाइन नीलामी में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मनपसंद नंबर पाने के लिए लाखों रुपये की बोली लगाई। इस नीलामी से प्रशासन को भी भारी राजस्व प्राप्त हुआ है।
‘0001’ नंबर पर सबसे बड़ी बोली
नीलामी के दौरान सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं नंबर CH.01DC-0001 ने। इस खास नंबर के लिए बोली लगाने वालों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। लंबी प्रतिस्पर्धा के बाद आखिरकार यह नंबर 31.35 लाख रुपये में बिका, जो इस नीलामी का सबसे महंगा नंबर साबित हुआ। कई बोलीदाता इस नंबर को पाने के लिए आखिरी समय तक आमने-सामने रहे।
अन्य नंबरों पर भी बरसी दौलत
फैंसी नंबरों की इस नीलामी में केवल ‘0001’ ही नहीं, बल्कि अन्य आकर्षक नंबरों पर भी मोटी रकम खर्च की गई।
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CH.01DC-0009 नंबर 20 लाख रुपये से अधिक में बिका।
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वहीं CH.01DC-0007 के लिए भी बोली 16 लाख रुपये से ज्यादा तक पहुंच गई।
इन आंकड़ों से साफ है कि फैंसी नंबरों को लेकर लोगों का जुनून लगातार बढ़ता जा रहा है।
शुभ और खास माने जाते हैं ये नंबर
0001, 0007 और 0009 जैसे नंबरों को लोग शुभ और खास मानते हैं। कई लोग इन्हें अपनी पहचान और रुतबे से जोड़कर देखते हैं। यही कारण है कि आज के समय में ऐसे नंबर केवल वाहन की पहचान नहीं, बल्कि एक स्टेटस सिंबल बन चुके हैं। चंडीगढ़ जैसे शहर में, जहां महंगी और लग्जरी गाड़ियों की संख्या काफी अधिक है, वहां ऐसे नंबरों की मांग हमेशा बनी रहती है।
सरकार को मिला अच्छा राजस्व
आरएलए चंडीगढ़ के अधिकारियों के अनुसार, इस ऑनलाइन नीलामी से सरकार को अच्छी खासी आय हुई है। फैंसी वाहन नंबरों की नीलामी से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी योजनाओं, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है।
हर नीलामी में बढ़ता जा रहा उत्साह
चंडीगढ़ में फैंसी नंबरों को लेकर लोगों का उत्साह हर बार देखने को मिलता है। इस बार की नीलामी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लोग अपने शौक और पसंद के लिए लाखों रुपये खर्च करने से नहीं हिचकिचाते। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण ज्यादा लोग आसानी से इसमें हिस्सा ले पा रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी बढ़ गई है।
आगे भी जारी रहेगा क्रेज
प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी फैंसी और वीआईपी नंबरों की नीलामी में इसी तरह ऊंची बोलियां लगेंगी। लोगों का यह बढ़ता क्रेज न सिर्फ प्रशासन के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, बल्कि शहर में इन खास नंबरों की लोकप्रियता को भी साफ तौर पर दिखाता है।
