पंजाब पुलिस की ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ नामक मुहिम लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इस मुहिम के 120वें दिन, यानी रविवार को पुलिस ने 114 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 4.1 किलो हेरोइन और करीब 9.6 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। यह कार्रवाई पूरे राज्य में एक बड़े स्तर पर की गई, जिसका नेतृत्व पंजाब के स्पेशल डीजीपी (कानून और व्यवस्था) अरपित शुक्ला ने किया।
अब तक 19,735 तस्कर गिरफ्तार
अब तक इस मुहिम के तहत 19,735 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रविवार को हुई कार्रवाई में 85 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में 1100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। इन पुलिस टीमों ने 180 से ज्यादा अलग-अलग टीमों के रूप में राज्य भर में 367 जगहों पर छापेमारी की और 77 एफआईआर दर्ज कीं।
399 संदिग्धों की जांच, 54 को मिला नशा मुक्ति का मौका
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान 399 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। इनमें से 54 लोगों ने खुद आगे आकर नशा छोड़ने और पुनर्वास केंद्र में इलाज लेने की इच्छा जताई। यह इस मुहिम की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि पुलिस सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं कर रही, बल्कि नशे के शिकार लोगों को वापसी का रास्ता भी दिखा रही है।
मेडिकल दुकानों की भी हुई जांच
पुलिस ने केवल तस्करों और उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि नशे की दवाओं की अवैध बिक्री पर भी नज़र रखी है। रविवार को जालंधर कमिश्नरेट, होशियारपुर, एसबीएस नगर, जालंधर ग्रामीण, कपूरथला और रूपनगर जैसे 6 जिलों में 332 मेडिकल दुकानों की जांच की गई।
इस जांच का उद्देश्य यह था कि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये मेडिकल स्टोर नशीली गोलियां या आदत डालने वाली दवाइयां तो नहीं बेच रहे। साथ ही देखा गया कि क्या ये दुकानें दवाइयों की बिक्री से जुड़े सरकारी नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।
पुलिस का संदेश साफ: नशे के खिलाफ कोई नरमी नहीं
पंजाब पुलिस का साफ कहना है कि नशा तस्करी और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी सख्ती से रोक लगाई जाएगी। यह मुहिम तब तक जारी रहेगी जब तक कि राज्य को नशा मुक्त नहीं बना दिया जाता।
इस अभियान से न केवल तस्करों पर लगाम लग रही है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश मिल रहा है कि पंजाब पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में है।
