गुजरात के वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला गंभीरा नदी पर बना पुल बुधवार, 9 जुलाई को अचानक टूट गया। यह भयानक हादसा उस समय हुआ जब पुल पर कई वाहन गुजर रहे थे। पुल के बीच का हिस्सा अचानक ढह जाने से दो वाहन नदी में गिर गए। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं।
हादसे के बाद मचा हड़कंप
यह दर्दनाक हादसा वडोदरा के पद्रा इलाके में हुआ। हादसे के समय बारिश हो रही थी और नदी में पानी का बहाव तेज था। अचानक पुल का मध्य हिस्सा धंस गया और उस पर चल रहे वाहन नदी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं।
राहत और बचाव में जुटी टीमें
एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। वडोदरा के कलेक्टर अनिल धमेलिया ने गुरुवार (10 जुलाई) को घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 3 और शव निकाले गए हैं, जिससे मृतकों की संख्या 15 हो गई है।
टीमें अब तक करीब 4 किलोमीटर तक इलाके की तलाशी ले चुकी हैं। नदी का जलस्तर ऊंचा होने और कीचड़ के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। दो वाहन जो पुल के साथ गिरे थे, वे कीचड़ में फंसे हुए हैं और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
टैंकर लटकने से खतरा बढ़ा
घटनास्थल पर एक खाली टैंकर अब भी पुल से लटका हुआ है। कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया कि यह टैंकर बचाव कार्य के लिए चुनौती बना हुआ है। अगर इसे हिलाया गया, तो यह नीचे गिर सकता है और वहां चल रहे राहत कार्यों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए टैंकर को पहले स्थिर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बारिश बनी बड़ी चुनौती
लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे तलाशी अभियान और भी कठिन हो गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है, ताकि लापता लोगों के बारे में सही जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी कहा गया है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।
सरकार देगी मुआवजा
राज्य सरकार की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी चल रही है। सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीर माना है और इसकी जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं कि आखिर पुल अचानक कैसे गिर गया।
निष्कर्ष
यह हादसा ना केवल कई परिवारों के लिए गहरा दुख लेकर आया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारे पुराने पुलों की हालत की समय-समय पर जांच हो रही है? ऐसे हादसे भविष्य में न हों, इसके लिए ज़रूरी है कि सभी पुलों की सुरक्षा जांच नियमित तौर पर की जाए और ज़रूरत पड़ने पर उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण किया जाए।
फिलहाल, प्रशासन की कोशिश है कि लापता लोगों की तलाश जल्द पूरी हो और पीड़ित परिवारों को न्याय व मदद मिल सके।
