सोमवार, 23 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 1908 अंकों की गिरावट के साथ 72,624 पर बंद हुआ।
दिनभर बिकवाली का दबाव
आज बाजार की शुरुआत से ही माहौल नकारात्मक रहा। सेंसेक्स ने खुलते ही गिरावट पकड़ी और पूरे दिन बिकवाली जारी रही। बीच में हल्की रिकवरी की कोशिश जरूर हुई, लेकिन निवेशकों के डर के कारण बाजार संभल नहीं पाया और अंत तक भारी गिरावट में बंद हुआ।
निवेशकों को बड़ा झटका
इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ही दिन में करीब ₹11 से ₹13 लाख करोड़ तक की संपत्ति साफ हो गई। इससे छोटे निवेशकों से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी प्रभावित हुए।
गिरावट की सबसे बड़ी वजह
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश पर दबाव बढ़ गया है।
रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली
आज भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा और घटा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार की गिरावट को और तेज कर दिया।
सभी सेक्टरों में गिरावट
आज लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। खासकर बैंकिंग, मेटल, आईटी और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। छोटे शेयरों में तो गिरावट और ज्यादा तेज रही, जिससे बाजार का दबाव और बढ़ गया।
आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
23 मार्च 2026 का दिन शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर साबित हुआ। सेंसेक्स का 72,624 पर बंद होना और 1900 अंकों की गिरावट यह दर्शाता है कि बाजार पर वैश्विक घटनाओं का गहरा असर पड़ रहा है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
