पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहा अभियान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस मुहिम के 242वें दिन पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 358 जगहों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों के दौरान 71 एफआईआर दर्ज की गईं और 87 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
अब तक इस अभियान के तहत कुल 34,511 तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जो पंजाब पुलिस की दृढ़ कार्रवाई को दर्शाता है। इस दौरान पुलिस ने तस्करों के कब्जे से 2.4 किलो हेरोइन, 1.8 किलो अफीम, 31 किलो भुक्की और 2120 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है।
इस बड़े ऑपरेशन में 72 गज़टिड अफसरों की निगरानी में 120 से ज्यादा पुलिस टीमें शामिल रहीं, जिनमें 1000 से अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात थे। राज्यभर में अलग-अलग जिलों में हुई छापेमारी सुबह से लेकर देर रात तक चलती रही।
पुलिस ने इस दौरान 355 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी की ताकि किसी भी नए नेटवर्क या लिंक का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, अभियान का एक मानवीय पहलू भी देखने को मिला — पुलिस ने 38 लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) केंद्रों में इलाज कराने के लिए तैयार किया।
राज्य सरकार और पुलिस विभाग का कहना है कि यह मुहिम सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को नशे से मुक्त करने की एक बड़ी कोशिश है। पुलिस अधिकारी लगातार अपील कर रहे हैं कि लोग नशे के खिलाफ इस जंग में सरकार का साथ दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पंजाब पुलिस का यह अभियान अब तक के सबसे लंबे और प्रभावशाली अभियानों में से एक माना जा रहा है, जिसने नशे के खिलाफ जंग को एक नए मुकाम तक पहुंचा दिया है।
