जापान में 8 दिसंबर की रात आए 7.5 तीव्रता के भूकंप ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। अभी लोग इस झटके से उबरे भी नहीं थे कि अधिकारियों ने एक और बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया है कि आने वाले दिनों में एक बड़ा ‘मेगा-क्वेक’ आ सकता है, जिसके कारण सुनामी का खतरा और बढ़ गया है। एजेंसी ने पूरे देश को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने को कहा है।
भूकंप का केंद्र और शुरुआती नुकसान
सोमवार रात आए इस भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रीफेक्चर के पूर्वी तट पर दर्ज किया गया। शुरुआत में इसकी तीव्रता 7.6 बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 7.5 किया गया।
पहले झटके से आओमोरी में 6 लोग घायल हुए, जबकि हकोडैटो, इवाते और आओमोरी के तटीय इलाकों में 40 से 70 सेंटीमीटर तक की लहरें दिखाई दीं।
यह चेतावनी 2022 में शुरू की गई नई चेतावनी प्रणाली के तहत पहली बार जारी की गई है, जो इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।
संभावित मेगा-क्वेक से तटीय इलाकों को सबसे ज्यादा खतरा
मौसम एजेंसी के अनुसार, अगर मेगा-क्वेक आता है तो होक्काइदो से लेकर चिबा प्रीफेक्चर तक प्रशांत महासागर के किनारे बसे इलाकों में बड़े पैमाने पर सुनामी उठ सकती है।
इसलिए तट के पास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
रेलवे सेवाओं पर असर
सुनामी अलर्ट के बाद हालात गंभीर होने पर ईस्ट जापान रेलवे कंपनी ने मोज़्योक्का और शिन-आओमोरी स्टेशनों के बीच चलने वाली तोहोकू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं।
अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक सेवाएं सीमित रखी जाएंगी।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और टास्क फोर्स गठित
जापान की प्रधानमंत्री सानेई ताकाईची ने तुरंत आपात बैठक बुलाई और सरकार को निर्देश दिए कि सुनामी और राहत कार्यों से जुड़ी सभी सूचनाएं लोगों तक बिना देरी पहुँचाई जाएं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय में संकट प्रबंधन केंद्र में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो लगातार हालात की निगरानी कर रही है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने पूरे सप्ताह मौसम अपडेट, सुनामी अलर्ट और भूकंप चेतावनियों पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी है।
स्थानीय सरकारों ने भी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और आपातकाली́न किट तैयार रखने को कहा है।
